संकटमोचक हनुमान: ये 5 चमत्कारी चौपाइयां बदल देंगी आपकी किस्मत, बरसेगी असीम कृपा!
मंगलवार का पावन दिन पूर्णतः पवनपुत्र हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन भक्त श्रद्धापूर्वक मंदिर जाकर बजरंगबली के दर्शन करते हैं और भक्तिभाव से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। कई श्रद्धालु इस दिन व्रत भी रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की आराधना करने से भक्त जीवन के हर बड़े संकट से मुक्त हो जाते हैं। माना जाता है कि हनुमान चालीसा का नित्य पाठ न केवल आत्मिक शांति देता है, बल्कि जीवन में उन्नति के द्वार भी खोलता है। हनुमान चालीसा की कुछ विशेष चौपाइयां ऐसी हैं, जिनका निरंतर जाप आपकी राह की हर बाधा को जड़ से मिटा सकता है। आइए जानते हैं हनुमान चालीसा की उन 5 सिद्ध चौपाइयों के बारे में, जिनके जाप से धन की प्राप्ति होती है और बिगड़े हुए काम भी बनने लगते हैं।
हनुमान चालीसा की 5 सिद्ध और चमत्कारी चौपाइयां:
1. नाशै रोग हरै सब पीड़ा
हनुमान चालीसा की यह चौपाई— ‘नाशै रोग हरै सब पीड़ा, जपत निरंतर हनुमत बीरा’—अत्यंत प्रभावशाली है। मान्यता है कि इसका नित्य जाप करने से गंभीर और लंबी बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इतना ही नहीं, यह कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर कर आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। जब स्वास्थ्य उत्तम रहता है, तो मन कार्य और शिक्षा में एकाग्र होता है, जिससे आपकी चौतरफा तरक्की सुनिश्चित होती है।
2. अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता
दूसरी चमत्कारी चौपाई है— ‘अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस बर दीन जानकी माता’। इसका अर्थ है कि माता सीता ने हनुमान जी को वह वरदान दिया है जिससे वे किसी को भी आठ सिद्धियां और नौ निधियां प्रदान कर सकते हैं। यह चौपाई शक्ति का पुंज है। यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद इसका जाप करते हैं, तो मुश्किलों से लड़ने का साहस प्राप्त होता है। धन प्राप्ति या किसी विशेष मनोकामना के लिए इस चौपाई का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
3. विद्यावान गुणी अति चातुर
विद्यार्थियों और ज्ञान के साधकों के लिए यह चौपाई— ‘विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर’—किसी वरदान से कम नहीं है। इसके जाप से बुद्धि, विवेक और चतुरता का विकास होता है। विशेष रूप से छात्रों को प्रतिदिन स्नान के पश्चात 108 बार इस चौपाई का जाप करना चाहिए, ताकि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में अपार सफलता मिले।
4. भीम रूप धरि असुर संहारे
अगर आपके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं, तो ‘भीम रूप धरि असुर संहारे, रामचंद्र के काज संवारे’ चौपाई आपके लिए अचूक औषधि है। व्यापार में घाटा हो, आर्थिक तंगी हो या शत्रुओं का भय, प्रतिदिन सुबह इसका 108 बार जाप करने से हर बाधा दूर होती है और रुके हुए कार्य गति पकड़ने लगते हैं।
5. भूत पिशाच निकट नहीं आवे
हनुमान जी साहस और निर्भयता के साक्षात प्रतीक हैं। चौपाई— ‘भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महाबीर जब नाम सुनावे’—भय को जड़ से समाप्त कर देती है। इस चौपाई के प्रभाव से नकारात्मक शक्तियां, बुरी आत्माएं और मानसिक डर साधक के पास भी नहीं फटकते। इसे जपने वाला व्यक्ति आत्मविश्वासी और सुरक्षित महसूस करता है।
हनुमान चालीसा पाठ के अनिवार्य नियम:
- जब भी आप हनुमान चालीसा का पाठ शुरू करें, सबसे पहले प्रभु श्री राम और माता सीता का स्मरण कर उन्हें प्रणाम अवश्य करें।
- चालीसा का जाप शुरू करने से पहले हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के समक्ष शुद्ध घी या तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
- हनुमान जी को पुष्प अर्पित करने के उपरांत ही पाठ का शुभारंभ करें।
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पाठ के दौरान मन में किसी के प्रति भी ईर्ष्या, क्रोध या द्वेष की भावना न रखें; शुद्ध मन से की गई प्रार्थना ही हनुमान जी तक शीघ्र पहुँचती है।
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