छठ का पावन पर्व: छठी मैया की टोकरी में सजेंगे ये 7 प्रिय फल!
धार्मिक आस्थाओं का महा-उत्सव, छठ पर्व, शनिवार से नहाय-खाय के साथ शुरू हो रहा है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम है। छठ पूजा की विधि में फलों और पकवानों से सजी टोकरी और सूप का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कुछ विशेष फल छठी मैया को अत्यंत प्रिय हैं, और इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए जानते हैं उन 7 फलों के बारे में जिन्हें छठ पूजा की टोकरी में अवश्य शामिल करना चाहिए:
1. डाभ नींबू: खट्टा-मीठा, अनूठा स्वाद!
सामान्य नींबू से भिन्न, डाभ नींबू अपने बड़े आकार और अंदरूनी लाल रंग के लिए जाना जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद छठी मैया को बहुत भाता है। इसकी मोटी परत ऐसी होती है कि पशु-पक्षी भी इसे जूठा नहीं कर पाते, जिससे इसकी पवित्रता बनी रहती है।
2. गन्ना: पवित्रता का प्रतीक!
कोसी भरने के दौरान कई जगहों पर गन्ने का घर बनाकर उसके नीचे हाथी रखकर छठी मैया की पूजा की जाती है। पत्ते वाले गन्ने का उपयोग सुख-शांति और माता की कृपा प्राप्त करने का प्रतीक माना जाता है। इसकी सख़्ती इसे पवित्र बनाती है, और यही कारण है कि छठ माता को गन्ना अति प्रिय है।
3. केला: समृद्धि का वाहक!
भगवान विष्णु का वास माने जाने वाले केले को अत्यंत पवित्र फल के रूप में पूजा जाता है। कच्चा केला घर पर ही पकाया जाता है ताकि पशु-पक्षी इसे जूठा न कर सकें। छठ पर्व में केले को शामिल करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
4. नारियल: धन-धान्य की देवी का स्वरूप!
देवी लक्ष्मी का स्वरूप माने जाने वाले नारियल को धार्मिक रूप से विशेष महत्व प्राप्त है। छठ पूजा में पवित्रता का सर्वोपरि स्थान है, और इस पवित्र फल को पूजा में अवश्य शामिल किया जाता है।
5. सिंघाड़ा: लक्ष्मी का प्रिय फल!
जल में उगने वाला सिंघाड़ा, माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है। इसके सख्त छिलके के कारण यह पवित्र रहता है। आयुर्वेद में भी इसके अनेक लाभ बताए गए हैं। पवित्रता के चलते यह छठ मैया को विशेष प्रिय है।
6. सुपारी: शुभ कार्यों का संकल्प!
शुभ कार्यों में सुपारी का प्रयोग अवश्य किया जाता है। पान और सुपारी के साथ ही पूजा का संकल्प लिया जाता है। माता लक्ष्मी का प्रभाव मानी जाने वाली सुपारी इस पर्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
7. सुथनी: शुद्धता और स्वास्थ्य का संगम!
मिट्टी के अंदर उगने वाली सुथनी को अत्यंत पवित्र और शुद्ध माना जाता है। यह अनेक बीमारियों में राहत दिलाने के साथ-साथ छठ पूजा की टोकरी में एक विशेष स्थान रखती है।
इन सात फलों को छठ पूजा में शामिल करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो आपकी पूजा को पूर्णता प्रदान करता है।
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