छोटी दिवाली 2025: नरक चतुर्दशी का उत्सव, जब अंधकार पर विजय का प्रकाश पर्व मनाएं
नई दिल्ली: आज, 19 अक्टूबर 2025 को, पूरा देश नरक चतुर्दशी का पर्व मना रहा है, जिसे प्यार से ‘छोटी दिवाली’ के नाम से भी जाना जाता है। यह पावन अवसर न केवल दीपों के प्रज्ज्वलन का दिन है, बल्कि बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण, मां काली और पवनपुत्र हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
नरक चतुर्दशी: वह कथा जो देती है विजय का संदेश
पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक क्रूर राक्षस का वध कर पृथ्वी को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में इस दिन को ‘नरक चतुर्दशी’ के नाम से जाना जाता है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि सत्य की हमेशा जीत होती है।
मां काली पूजा: शक्ति और सुरक्षा का आह्वान
विशेषकर पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा जैसे राज्यों में, छोटी दिवाली के दिन मां काली की आराधना का विधान है। मां काली को शक्ति और विनाश की देवी के रूप में पूजा जाता है, जो अपने भक्तों को भय, नकारात्मक शक्तियों और समस्त बुराइयों से रक्षा प्रदान करती हैं। इस रात भक्त दीप जलाकर, तंत्र-मंत्र की साधना और मां काली के विशेष मंत्रों का जाप कर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। यह पूजा न केवल भौतिक समृद्धि के लिए, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और आंतरिक शुद्धता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बजरंगबली की पूजा: साहस और भक्ति का संगम
छोटी दिवाली पर, राम भक्त हनुमान की पूजा का भी विशेष महत्व है। शक्ति, साहस और अटूट भक्ति के प्रतीक हनुमान जी की आराधना से व्यक्ति को आत्मबल, निर्भयता और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है।
छोटी दिवाली 2025 की पूजा विधि
छोटी दिवाली के दिन, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर घर की साफ-सफाई करें और गंगाजल से उसे पवित्र करें। संध्या के समय, तेल का दीपक जलाकर भगवान श्री कृष्ण, यमराज और मां काली की पूजा करें। दीपक जलाने से पूर्व ‘दीपदान यमराज पूजन’ अवश्य करें, ताकि अकाल मृत्यु का भय दूर हो। मान्यता है कि तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ होता है। इस दिन घर के हर कोने में दीपक जलाना चाहिए।
अस्वीकरण: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी जानकारी को अपनाने से पहले कृपया किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित से सलाह अवश्य लें।
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