धनतेरस 2025: समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षा का पावन पर्व, दीपदान का महत्व और विधि
नई दिल्ली: हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और सुरक्षा का प्रतीक है। इस शुभ दिन पर, हम विशेष रूप से भगवान धन्वंतरि, धन के देवता कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
धनतेरस की शाम का एक खास महत्व है, जब यमराज को भी स्मरण किया जाता है और उनके नाम का एक विशेष दीपक, ‘यम दीप’, जलाया जाता है। इस दीपक को जलाने के पीछे गहरा अर्थ छिपा है। यह न केवल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, बल्कि लंबी आयु और सुदृढ़ स्वास्थ्य का आशीर्वाद भी प्रदान करता है। ‘यम दीप’ को लगातार पांच दिनों तक जलते रहने देना अत्यंत शुभ माना जाता है।
धनतेरस पर कितने दीपक जलाने चाहिए?
धनतेरस के दिन कुल 13 दीपक जलाना शुभ फलदायी माना जाता है। सर्वप्रथम, घर के बाहर, कूड़े के ढेर के पास एक दीपक जलाना चाहिए। इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा की ओर रखना अनिवार्य है। इसे यमराज को समर्पित किया जाता है, और ऐसी मान्यता है कि इसे जलाने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है।
शेष दीपक घर के मुख्य द्वार, तुलसी के गमले के पास, छत पर, पीपल के वृक्ष के नीचे, समीपस्थ मंदिर और कूड़ेदान के पास रखे जा सकते हैं। एक-दो दीपक बाथरूम और खिड़की के पास रखना भी शुभ माना जाता है।
यम दीप क्यों जलाते हैं?
‘यम दीप’ जलाने की परंपरा भाई दूज तक चलती है। इस दीपक को लगातार पांच दिनों तक जलते रहने देना चाहिए। दीपक का मुख हमेशा दक्षिण दिशा की ओर ही होना चाहिए। इसे जलाते समय लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है। कहते हैं कि इस दीपक को जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और मृत्यु के उपरांत नरक की यातनाओं से भी मुक्ति मिल सकती है।
यम दीपदान का मंत्र
यम दीपदान करते समय एक विशेष मंत्र का जाप करना चाहिए, जो इस प्रकार है:
मृत्युनाऽ पाशहस्तेन कालेन भार्या सह।
त्रयोदशीं दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतामिति॥
इस मंत्र का उच्चारण करने से यम दीपदान का महत्व और बढ़ जाता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस प्रकार, इस धनतेरस पर 13 दीपक जलाकर, यमराज और देवी-देवताओं की विधि-पूर्वक पूजा करके आप अपने घर में सुख, समृद्धि और सुरक्षा का आह्वान कर सकते हैं।
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