रोशनी का पर्व दिवाली 2025: कब है, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि – एक विस्तृत गाइड
नई दिल्ली: उत्सवों का मौसम अपने पूरे शबाब पर है, और हर किसी की निगाहें ‘प्रकाश पर्व’ यानी दिवाली पर टिकी हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी पावन दिन भगवान श्री राम 14 वर्षों के वनवास से अयोध्या लौटे थे, जिसका स्वागत अयोध्यावासियों ने दीपों की जगमगाहट से किया था। इसी उपलक्ष्य में दिवाली को “प्रकाश पर्व” के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक रूप से भी इसका विशेष स्थान है। इसे नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत, घर की साफ-सफाई, सजावट और सौभाग्य की वृद्धि का समय माना जाता है।
दिवाली की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन? जानें सही तिथि!
इस वर्ष दिवाली की तारीख को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ लोग 20 अक्टूबर को तो कुछ 21 अक्टूबर को यह त्योहार मनाए जाने की बात कह रहे हैं। आइए, आपके इस कन्फ्यूजन को दूर करते हैं।
पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 2:32 बजे से शुरू होगी और 21 अक्टूबर मंगलवार को दिन के 4:26 बजे तक रहेगी। इस प्रकार, दीपावली का महापर्व 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को ही मनाया जाएगा।
दिवाली 2025: शुभ लग्न मुहूर्त
- दिवाली लग्न पूजा: सोमवार, अक्टूबर 20, 2025
- कुम्भ लग्न मुहूर्त: 03:44 PM से 04:07 PM
- वृषभ लग्न मुहूर्त (सन्ध्या): 07:08 PM से 09:03 PM
- सिंह लग्न मुहूर्त (मध्यरात्रि): 01:38 AM से 03:56 AM
दिवाली पूजन विधि (Diwali 2025 Puja Vidhi)
दिवाली की शाम को भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। पूजन की तैयारी के लिए सबसे पहले घर की शुद्धता और सजावट पर ध्यान दें। घर को अच्छे से साफ करें और रंगोली व दीपों से सजाएं। पूजा के लिए एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें (Diwali 2025)
चौकी पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद, गणेश जी को मोदक, दूर्वा और दीपक अर्पित करें। तत्पश्चात, मां लक्ष्मी को चावल, हल्दी, सिंदूर, पुष्प, दीपक, धूप, मिठाई और सिक्का चढ़ाएं। अंत में, लक्ष्मी-गणेश की आरती करें, प्रसाद वितरित करें और घर के हर कोने में दीपक जलाएं।
दिवाली के दिन क्या करें और क्या न करें (Diwali 2025)
- करें: घर में स्वच्छता और प्रकाश बनाए रखें। जरूरतमंदों को दान दें। परिवार के साथ मिलकर पूजा करें। मिठाई, दीपक और खुशियां बांटें।
- न करें: झगड़ा या अपशब्दों का प्रयोग न करें। कूड़ा या कचरा रात में बाहर न फेंके और किसी का अनादर न करें।
अस्वीकरण: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय अवश्य लें।
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