माँ दुर्गा की भक्ति में लीन शारदीय नवरात्रि: महाअष्टमी पर बन रहे हैं शुभ योग
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व, जो माँ दुर्गा को समर्पित है, भक्ति और आराधना के रंग में रंगा हुआ है। इस वर्ष महाअष्टमी का शुभ दिन 30 सितंबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर, साधक पूरे श्रद्धा भाव से देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार, इस शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर शोभन योग सहित अनेक मंगलकारी संयोगों का निर्माण हो रहा है। इन पवित्र योगों में देवी गौरी की उपासना करने से साधकों को उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त होगा। आइए, जानते हैं इस शुभ मुहूर्त और विशेष योगों के बारे में।
महाअष्टमी का शुभ मुहूर्त: एक महत्वपूर्ण जानकारी
हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 सितंबर को अपराह्न 04:32 बजे से आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ होगा। यह पावन तिथि 30 सितंबर को सायं 06:06 बजे तक मान्य रहेगी। इस वर्ष महाअष्टमी का व्रत 30 सितंबर को ही रखा जाएगा। विशेष रूप से, संधि पूजा का शुभ मुहूर्त संध्याकाल में 05:42 बजे से लेकर 06:30 बजे तक निर्धारित है।
महाअष्टमी पर बन रहे हैं अद्भुत शुभ योग
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर अनेक अत्यंत शुभ संयोगों का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर शोभन योग के साथ-साथ अन्य कई शुभ संयोग भी विद्यमान रहेंगे। शोभन योग का विशेष प्रभाव देर रात्रि 01:03 बजे तक बना रहेगा। इसके अतिरिक्त, शाम 06:06 बजे से शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन शुभ योगों में देवी दुर्गा की आराधना करने से साधकों के जीवन में सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होगी।
पंचांग के अनुसार शुभ समय
- सूर्योदय: सुबह 06:10 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:05 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 01:36 बजे से
- चन्द्रास्त: रात 11:51 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:33 बजे से 05:22 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:07 बजे से 02:54 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:05 बजे से 06:29 बजे तक
- निशीथ मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 12:43 बजे तक
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