धन, आरोग्य और लंबी उम्र पाएं: शरद पूर्णिमा के अचूक उपाय

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
धन, आरोग्य और लंबी उम्र पाएं: शरद पूर्णिमा के अचूक उपाय
शरद पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय, धन, आरोग्य और लंबी उम्र का मिलेगा वरदान

शरद पूर्णिमा: अमृत की रात, खुशियों का पर्व

कल, 6 अक्टूबर को, शरद पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा। यह हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है, जब देवी लक्ष्मी और चंद्रदेव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है, और इसे ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है।

अमृत की वर्षा और खीर का प्रसाद

पौराणिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है। इसी विश्वास के चलते, लोग रात में खुले आकाश के नीचे दूध-चावल की खीर रखते हैं, और उसके अमृत समान गुणों का सेवन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस खीर का सेवन करने से उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है।

लक्ष्मी कृपा और धन-धान्य की प्राप्ति

शरद पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए कुछ खास उपाय देवी लक्ष्मी और चंद्रदेव को प्रसन्न कर सकते हैं, जिससे घर में धन-धान्य के भंडार भरे रहते हैं।

शरद पूर्णिमा पर करें ये खास उपाय:

  • स्वास्थ्यवर्धक खीर: शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की किरणों में रखी दूध-चावल की खीर का सेवन पित्त शामक और स्वास्थ्यवर्धक होता है।
  • नेत्रज्योति बढ़ाने का उपाय: इस रात को सुई में धागा पिरोने का प्रयास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है।
  • आध्यात्मिक उत्थान का पर्व: यह रात्रि आध्यात्मिक उत्थान के लिए अत्यंत लाभदायक है। प्रयास करें कि इस रात को जागरण करें और जप, ध्यान, कीर्तन में समय बिताएं।
  • चंद्रदर्शन का लाभ: कम से कम 15 मिनट के लिए चंद्रमा को एकटक निहारें। ऐसा करने से शरीर स्वस्थ होता है और 32 प्रकार की पित्त संबंधी बीमारियों में शांति मिलती है। आप छत पर लेटकर भी चंद्रमा का आनंद ले सकते हैं।
  • मानसिक और शारीरिक आरोग्य: ध्यान, भजन, सत्संग, कीर्तन और चंद्रदर्शन करने से व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक आरोग्यता प्राप्त होती है।
  • खीर का सेवन: शरद पूर्णिमा की शीतल रात्रि में (9 से 12 बजे के बीच) छत पर चंद्रमा की किरणों में महीन कपड़े से ढंककर रखी हुई दूध-पोहे अथवा दूध-चावल की खीर का सेवन करें। देर रात होने के कारण अधिक न खाएं, थोड़ी मात्रा में ही ग्रहण करें।

इस पावन अवसर पर, इन उपायों को अपनाकर आप भी शरद पूर्णिमा का पूर्ण लाभ उठा सकते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *