कोल्ड्रिफ कफ सिरप का कहर: 10 बच्चों की मौत के बाद देश भर में हड़कंप, 6 राज्यों में जांच और बिक्री पर रोक
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से आई एक दिल दहला देने वाली खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। कोल्ड्रिफ नामक कफ सिरप पीने के बाद 10 मासूमों की जान चली गई, जिससे स्वास्थ्य महकमे और आम जनता में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर घटना के बाद, कांग्रेस पार्टी ने भोपाल और जयपुर में सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है, और राज्य व केंद्र सरकार से तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सरकारी लापरवाही और गुणवत्ता पर सवाल
भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों की मौत के पीछे दवा की गुणवत्ता में कमी और प्रशासन की निगरानी में खामियां जिम्मेदार हैं। प्रदर्शनकारियों ने न केवल मृतक बच्चों के परिवारों के लिए आर्थिक मुआवजे की मांग की, बल्कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई।
देशव्यापी प्रतिबंध की मांग
इसी मुद्दे को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर पूरे देश में तत्काल प्रतिबंध लगाने और संबंधित फार्मा कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और आशंकाएं
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद बच्चों में उल्टी, बेचैनी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ जैसे लक्षण दिखे थे। आशंका जताई जा रही है कि सिरप के कुछ नमूनों में संभावित दूषित तत्व पाए गए हैं। इस गंभीर खतरे को देखते हुए, केंद्र सरकार ने फार्मास्यूटिकल्स विभाग और ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
6 राज्यों में जांच के दायरे में, 2 में बिक्री पर रोक
छिंदवाड़ा की इस भयावह घटना के बाद, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे 6 राज्यों में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। सावधानी के तौर पर, तमिलनाडु और केरल सरकारों ने तत्काल प्रभाव से इस सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।
उच्चस्तरीय जांच और बैचों की वापसी
मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए, एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, सिरप के कुछ खास बैचों में गड़बड़ी की आशंका है, और इन बैचों को तत्काल बाजार से वापस मंगवाने (recall) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला अभी जांच के दायरे में है, और आगे की रिपोर्टों का इंतजार है।
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