Sawan 2026: जानिए सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है अंतर, दोनों के बीच हैं अलग-अलग तिथियां…

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
Sawan 2026: जानिए सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है अंतर, दोनों के बीच हैं अलग-अलग तिथियां...
Sawan 2026: जानिए सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या है अंतर, दोनों के बीच हैं अलग-अलग तिथियां...

AMN. हिंदू धर्मग्रंथों में सावन के महीने को भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस महीने में शिवभक्त भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। आइए आज इस महीने की शुरुआत से पहले एक बात जानने की कोशिश करते हैं कि सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है। वैसे तो हर महीने शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इन दोनों का महत्व अलग-अलग है. आइए आपको बताते हैं कि सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है।

सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्री में अंतर

सावन शिवरात्रि- यह त्योहार सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर महादेव के साथ-साथ माता पार्वती की भी पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन कांवर यात्रा के लिए जल चढ़ाया जाता है।

महाशिवरात्रि- वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। इससे साधक को जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार सावन माह में अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन हुआ था। समुद्र मंथन से विष निकला जिसे भगवान शिव ने ब्रह्मांड को बचाने के लिए पी लिया, जिसके कारण भगवान शिव का गला नीला पड़ गया। अत: देवताओं ने विष की जलन को शांत करने के लिए महादेव का जलाभिषेक किया। इसीलिए सावन शिवरात्रि मनाई जाती है। सावन शिवरात्रि के अवसर पर महादेव का जलाभिषेक करने की परंपरा है।

महाशिवरात्रि- पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसीलिए महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का अधिक महत्व है।

पीसी-हिन्दुस्तान


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *