अंधेरे पर विजय का पर्व: काली चौदस की रहस्यमयी रात

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
अंधेरे पर विजय का पर्व: काली चौदस की रहस्यमयी रात
Kali Puja 2025

काली पूजा 2025: अंधकार पर विजय और नव ऊर्जा का आगमन

इस वर्ष, दिवाली का उल्लास 20 अक्टूबर को पूरी आभा के साथ मनाया जाएगा। दिवाली के एक दिन पूर्व, नरक चौदस या रूप चौदस का पर्व मनाया जाता है, जिसे भूत चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। इस विशेष रात्रि में, देवी-देवताओं और संरक्षक शक्तियों की आराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस पूजा के माध्यम से घर और मन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, और इसके स्थान पर सुरक्षा और शांति का वास होता है।

काली चौदस का महत्व: बुराई पर अच्छाई की जीत

काली चौदस, नरक चौदस के साथ मिलकर, बुरी और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा का प्रतीक है। इस दिन, माता दुर्गा के उग्र रूप, देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो अपने भक्तों की रक्षा के लिए जानी जाती हैं। लोग इस अवसर पर बुरी शक्तियों से बचाव की कामना करते हैं और अपने घर को नकारात्मकता से मुक्त करने का प्रयास करते हैं।

दिवाली से एक दिन पहले क्यों होती है काली पूजा?

काली पूजा अमावस्या की आधी रात को होती है, जबकि दिवाली की अमावस्या प्रदोष काल में मनाई जाती है। इस समय के छोटे से अंतर के कारण, काली पूजा अक्सर दिवाली से एक दिन पूर्व ही पड़ती है।

विशेष: अवेयर मीडिया नेटवर्क

माँ काली की आराधना: विभिन्न विधियां

काली चौदस पर मां काली की पूजा की कई परंपराएं प्रचलित हैं। कुछ भक्त आधी रात के बाद श्मशान भूमि में जाकर देवी कालरात्रि और वीर वेताल जैसे रक्षक देवताओं की पूजा करते हैं। वहीं, अनेक भक्त अपने घरों या मंदिरों में दीपक जलाकर, मंत्रों का जाप कर और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर पूजा करते हैं। कुछ लोग शुभ मुहूर्त देखकर, चौघड़िया के अनुसार पूजा को अधिक फलदायी बनाते हैं।

काली चौदस पर करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप

काली चौदस के पावन अवसर पर मां काली की आराधना के लिए विभिन्न मंत्रों का उच्चारण किया जा सकता है। सुरक्षा और आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए, “ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरी कालिके स्वाहा” मंत्र का जाप अत्यंत प्रभावी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, “ॐ ह्रीं क्रीं काली महाकाली कालिके परमेश्वरी” मंत्र भी विशेष फलदायी होता है।

काली पूजा में क्या चढ़ाएं?

मां काली को प्रसन्न करने के लिए फूल, मिठाई, दीपक, लाल वस्त्र और खीर या फल अर्पित किए जाते हैं। कुछ भक्त उन्हें चोला, हल्दी या चावल भी चढ़ाते हैं।

क्या काली चौदस पर व्रत रखा जाता है?

हाँ, कई भक्त काली चौदस के दिन व्रत रखते हैं। यह व्रत न केवल बुरी शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी फलदायी माना जाता है।

काली पूजा में दीपक की दिशा

मां काली की कृपा और घर से नकारात्मक ऊर्जा के निवारण के लिए, दीपक को घर की उत्तर या पूर्व दिशा में जलाना शुभ माना जाता है।

यह भी पढ़ें: शुभकामनाएं काली पूजा 2025: अंधकार पर विजय का पर्व, अपनों को भेजें बधाई के संदेश


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *