2025 की रमा एकादशी: आज व्रत, कथा और शुभ-अशुभ का संपूर्ण विधान

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2025 की रमा एकादशी: आज व्रत, कथा और शुभ-अशुभ का संपूर्ण विधान
Ekadashi 2025: रामा एकादशी आज, पढ़ें कथा, जानिए क्या करें और क्या ना करें? | Rama Ekadashi 2025: Know Vrat, Significance and Do-Donts, Kya kare aur Kya na Kare in Hindi

रामा एकादशी 2025: व्रत कथा, महत्व और सरल उपाय

कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी, रामा एकादशी के रूप में मनाई जाती है। इस पावन दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना करने वाले के सभी कष्टों का अंत हो जाता है। इस दिन एकादशी व्रत की कथा का श्रवण करना विशेष फलदायी माना जाता है, जिससे यश की प्राप्ति होती है।

रामा एकादशी की व्रत कथा

प्राचीन काल में अयोध्या नगरी पर राजा मुख्यध्वज का शासन था। उनके दो पुत्र थे: श्रीध्वज और तमध्वज। जहाँ बड़ा पुत्र श्रीध्वज पिता का आज्ञाकारी था, वहीं छोटा पुत्र तमध्वज अत्यंत दुष्ट प्रवृत्ति का था। एक दिन छोटे पुत्र ने अपने पिता की हत्या कर दी और उनके शव को जंगल में दफना दिया।

समय के साथ, राजा की आत्मा प्रेत योनि में भटकने लगी। संयोगवश, एक दिन नारद मुनि उस स्थान पर पहुंचे। उन्होंने राजा की आत्मा को अत्यंत व्यथित देखा और उसका कारण पूछा। राजा ने अपने पाप कर्मों का वर्णन किया। तब नारद मुनि ने कहा, “हे राजा, कार्तिक शुक्ल पक्ष की राम एकादशी का व्रत करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हें प्रेत योनि से मुक्ति मिलेगी।” राजा ने पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से इस व्रत का पालन किया। इस व्रत के पुण्य प्रताप से वह प्रेतयोनि से मुक्त होकर सीधे विष्णुलोक को प्रस्थान कर गया।

रामा एकादशी व्रत विधि

एकादशी के दिन प्रात:काल स्नान के पश्चात, भगवान विष्णु या श्री राम की प्रतिमा के समक्ष दीपक प्रज्वलित करें। इसके उपरांत, तुलसी पत्र, पीले पुष्प और पंचामृत से भगवान का अभिषेक करें। मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का जाप करें। संध्याकाल में आरती करें और व्रत कथा का पाठ करें या श्रवण करें।

रामा एकादशी पर क्या करें?

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु या श्री राम का ध्यान करें।
  • तुलसी के पौधे को जल चढ़ाएं।
  • दान-पुण्य अवश्य करें।

रामा एकादशी पर क्या न करें?

  • लहसुन, प्याज, मांस और शराब का सेवन वर्जित है।
  • झूठ, क्रोध, चुगली और अपशब्दों से दूर रहें।
  • किसी का भी अपमान या बुराई न करें।


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