सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बड़ा ही पावन और विशेष महत्व माना गया है। जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी का व्रत हर माह में दो बार—पहला कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष में आता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है, आध्यात्मिक उन्नति होती है और मन को असीम शांति मिलती है। इस खास दिन भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की विधिवत आराधना करते हैं। एकादशी व्रत से जुड़े कुछ बेहद खास नियम बनाए गए हैं, जिनका पूरी निष्ठा से पालन करने पर ही पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त होता है। इस बार रमा एकादशी आगामी 05 नवंबर 2026 को पड़ रही है। आइए जानते हैं कि इस पवित्र दिन पर हमें किन-किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।
चावल का सेवन न करें
अगर आप एकादशी का व्रत रख रहे हैं, तो इस दिन केवल फलाहार रहकर ही व्रत का पालन करना चाहिए। वहीं, जो लोग व्रत नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें भी इस दिन भूलकर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन चावल खाने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त नहीं होती है। साथ ही, चावल का सेवन करने से मन में बेचैनी और अशांति बनी रहती है।
तामसिक भोजन का सेवन न करें
यदि आप किसी कारणवश एकादशी का व्रत नहीं भी कर पा रहे हैं, तब भी आपको इस दिन तामसिक भोजन से तौबा कर लेनी चाहिए। इस पावन दिन भूलकर भी मांस-मदिरा, लहसुन और प्याज को अपने भोजन में शामिल न करें। एकादशी के दिन पूरी तरह से सात्विक आचरण अपनाते हुए केवल भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
तुलसी न तोड़ें
रमा एकादशी के दिन भूलकर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और न ही इस दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं, तो माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद आपसे रूठ सकता है।
हालांकि, इस दिन भगवान विष्णु को लगाए जाने वाले भोग में तुलसी की पत्तियां अवश्य शामिल करें। इसलिए जरूरी है कि आप एक दिन पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़कर सुरक्षित रख लें। इस दिन आप तुलसी की विधि-विधान से पूजा करें, उनके समक्ष दीपक जलाएं और उनकी आरती उतारें।
क्रोध न करें
किसी भी व्रत का सबसे पहला और अहम नियम यह होता है कि उस दिन मन को शांत रखा जाए, बिल्कुल भी क्रोध न किया जाए और झूठ बोलने से बचा जाए। रमा एकादशी के दिन इन जरूरी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से श्री हरि का आशीर्वाद बरसता है और व्रत-पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
इस दिन किसी से दान लेने से बचें
एकादशी के दिन किसी भी व्यक्ति से दान के रूप में या मुफ्त में कोई भी वस्तु लेने से बचना चाहिए। इस पवित्र दिन दूसरों से दान लेने के बजाय, खुद जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का संपूर्ण फल तो मिलता ही है, साथ ही धन की देवी माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है।
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