29 सितंबर, 2025: बुद्धि और ज्ञान की देवी सरस्वती का दिव्य आवाहन – शुभ योगों का अद्भुत संगम!

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
Saraswati Avahan 2025: बुद्धि और ज्ञान के लिए 29 सितंबर को करें सरस्वती आह्वान, इन शुभ योगों का लाभ उठाएं

ज्ञान की देवी का स्वागत: 29 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी सरस्वती आह्वान, विशेष शुभ योगों का संगम

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि, जिसे ‘सरस्वती आह्वान’ के नाम से जाना जाता है, ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती को अपने जीवन और घर में आमंत्रित करने का एक अत्यंत शुभ अवसर है। इस वर्ष, 29 सितंबर 2025 को, आश्विन शुक्ल पक्ष की महा सप्तमी के पावन अवसर पर, माँ सरस्वती का आह्वान किया जाएगा। इस दिन सौभाग्य योग, शोभन योग सहित कई प्रमुख शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो माँ की पूजा-अर्चना को और भी फलदायी बनाएंगे। इन शुभ योगों में की गई आराधना से जातकों को विशेष कृपा प्राप्त होगी।

आइए, जानते हैं इस पावन दिन के शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और इसके महत्व के बारे में…

शुभ योग और मुहूर्त का संगम

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 मिनट से प्रारंभ होकर दोपहर 12:36 मिनट तक रहेगा। यह समय पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह ध्यान देने योग्य है कि सप्तमी तिथि 29 सितंबर को 04:31 मिनट तक रहेगी, जिसके उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।

आह्वान की पावन पूजन विधि

सरस्वती आह्वान का अनुष्ठान मूल नक्षत्र मुहूर्त में किया जाता है, जो इस दिन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। पूजा के दौरान माँ सरस्वती के विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है। इस विधान में, माँ सरस्वती के चरणों को धोया जाता है और उनकी प्रतिमा को चंदन व कुमकुम से सुशोभित किया जाता है। माँ सरस्वती को श्वेत रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद मिष्ठान्न और वस्तुओं का भोग लगाना शुभ फलदायी होता है। पूजा के समापन पर, सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है। पूजा के समय माँ सरस्वती की आरती अवश्य करें।

मंत्रोच्चार से करें देवी को प्रसन्न

प्रथम मंत्र:
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥

द्वितीय मंत्र:
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥

इस प्रकार, 29 सितंबर 2025 को आने वाली सरस्वती आह्वान, शुभ योगों के साथ, माँ सरस्वती की कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम अवसर प्रदान कर रही है। आइए, पूरे श्रद्धा और भक्तिभाव से देवी का आह्वान करें और अपने जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाएं।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version