शनि प्रदोष 2025: शनि की कृपा, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व जानें

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Shani Pradosh Vrat 2025: शनि प्रदोष व्रत आज, जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और महत्व | Shani Pradosh Vrat 2025: Know Shubh Muhurat, Puja Vidhi, Significance and everything about it Hindi

शनि प्रदोष व्रत 2025: शनि और शिव की कृपा से पाएं सुख-समृद्धि और पाएं कष्टों से मुक्ति!

नई दिल्ली: आज, 4 अक्टूबर 2025 को अश्विनी शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो शनि प्रदोष व्रत का शुभ अवसर लेकर आई है। जब यह पवित्र उपवास शनिवार के दिन पड़ता है, तो इसे ‘शनि प्रदोष व्रत’ के नाम से जाना जाता है। इस विशेष दिन भगवान शिव और शनिदेव की एक साथ पूजा करने से दोगुना फल प्राप्त होता है। यह व्रत न केवल शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों को कम करने में सहायक है, बल्कि जीवन में सुख-शांति का संचार भी करता है।

ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के पालन से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्त को दीर्घायु, समृद्धि और पापों से मुक्ति का वरदान देते हैं। वहीं, शनिदेव की कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मार्ग प्रशस्त होता है। आइए, जानते हैं शनि प्रदोष व्रत 2025 की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

शनि प्रदोष व्रत 2025 का शुभ मुहूर्त

  • त्रयोदशी तिथि का आरंभ: आज, 4 अक्टूबर 2025 को शाम 05:09 बजे से।
  • त्रयोदशी तिथि का समापन: 5 अक्टूबर 2025 को दोपहर 03:03 बजे तक।
  • भगवान शिव, मां पार्वती और शनिदेव की पूजा का समय: आज, 4 अक्टूबर 2025 को शाम 06:03 बजे से रात 08:30 बजे तक।

शनि प्रदोष व्रत 2025 की पूजा विधि

व्रत रखने वाले व्यक्ति को प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। भगवान शिव और शनिदेव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। प्रदोष काल में, विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक करें। इसके लिए जल, दूध, दही, शहद, शक्कर और घी का प्रयोग करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके पश्चात, शनिदेव की पूजा तिल, तेल, काले तिल और काले वस्त्र से करें। मंदिर में दीप प्रज्वलित कर शनि प्रदोष व्रत कथा का श्रवण करें।

शनि प्रदोष व्रत 2025 के लाभ

  • शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभावों में कमी आती है।
  • जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त होती है।
  • मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
  • शत्रुओं का भय और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

इस शुभ दिन पर काले तिल, तेल और लोहे का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


अस्वीकरण: यह जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले किसी जानकार ज्योतिषी या पंडित की सलाह अवश्य लें।


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