शनि प्रदोष 2026: महादेव और शनि देव की असीम कृपा पाने का महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और सटीक पूजा विधि

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
Shani Pradosh Vrat 2026: आज Lord Shiva और शनि देव की कृपा पाने का शुभ योग, जानें Puja Vidhi

शनि प्रदोष व्रत 2026: शिव कृपा और शनि दोष से मुक्ति का महायोग; जानें शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर 27 जून 2026 का दिन बेहद खास है, क्योंकि इस दिन ‘शनि प्रदोष व्रत’ का पावन संयोग बन रहा है। महादेव की आराधना के लिए यह तिथि सर्वोत्तम मानी जाती है। मान्यता है कि जो भी साधक पूरी श्रद्धा और अटूट आस्था के साथ यह व्रत करता है, उसके जीवन के समस्त दुखों का अंत होता है और शनि जनित दोषों का प्रभाव भी कम हो जाता है। यदि आप इस कल्याणकारी व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं, तो ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की यह त्रयोदशी एक श्रेष्ठ अवसर है। आइए, विस्तार से जानते हैं इस दिन के महत्व, समय और पूजन विधान के बारे में…

शुभ तिथि और सटीक मुहूर्त

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, त्रयोदशी तिथि का आगाज़ 27 जून की सुबह 10:22 बजे से हो रहा है। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 28 जून 2026 की देर रात 12:43 बजे होगा। प्रदोष काल की प्रधानता को देखते हुए शास्त्र सम्मत रूप से 27 जून 2026 को ही शनि प्रदोष व्रत का अनुष्ठान किया जा रहा है।

दिव्य पूजन विधि

इस पुण्यकारी दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। व्रत का मुख्य पूजन ‘प्रदोष काल’ (संध्या समय) में संपन्न करें। इस दौरान भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश और नंदी महाराज की संयुक्त रूप से पूजा करें।

सर्वप्रथम शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शुद्ध जल से ‘अभिषेक’ करें। इसके पश्चात महादेव को प्रिय धतूरा, सफेद चंदन, बेलपत्र, आक के फूल, भस्म और मौसमी फल अर्पित करें। पूजन के दौरान ‘ऊँ नम: शिवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें और श्रद्धापूर्वक शिव चालीसा, रुद्राष्टकम या शिव तांडव स्त्रोत का पाठ करें।

पूजा के समापन पर घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें। शनिवार का संयोग होने के कारण शनिदेव के समक्ष तिल के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी रहेगा। दिन भर सात्विक आहार का पालन करें और अपनी क्षमतानुसार भक्तिभाव से व्रत पूर्ण करें।

प्रभावशाली मंत्र

पूजा की पूर्णता और मानसिक शांति के लिए इन मंत्रों का उच्चारण करें:

  • ॐ नमः शिवाय
  • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमः
  • ऊँ ऐं ह्रीं शिव-गौरीमय-ह्रीं ऐं ऊँ
  • ऊँ नमो धनदाय स्वाहा
  • शिवजी रुद्र मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version