जलमग्न घाट, दलदल का जाल: छठ की राह में मुश्किल

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
5 Min Read
Chhath Puja

छठ की तैयारी में गंगा के घाटों का संघर्ष: जलस्तर और दलदल की दोहरी मार

जेपी गंगा सेतु और आसपास के घाटों पर तैयारियां जारी, पर राहें दलदल और गड्ढों से भरी

जैसे-जैसे छठ पूजा का पावन पर्व नज़दीक आ रहा है, जेपी गंगा सेतु और उसके आसपास के घाटों पर तैयारियां भले ही शुरू हो गई हों, लेकिन दलदल और गड्ढों से भरे रास्ते एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। अंडरपास में जमा बारिश का पानी और श्रद्धालुओं की भारी संख्या, इन तैयारियों को और भी कठिन बना रही है। नगर निगम और नगर परिषद जहाँ युद्धस्तर पर सफाई और मरम्मत का काम कर रहे हैं, वहीं गंगा के घटते जलस्तर पर ही घाटों की पूर्ण तैयारी निर्भर है।

जेपी सेतु और घाटों की वर्तमान स्थिति: उम्मीद की किरण

जेपी गंगा सेतु से पूर्वी घाट तक पहुँचने वाले रास्ते फिलहाल कुछ हद तक ठीक हैं, लेकिन सेतु के नीचे कई जगह गड्ढे बन गए हैं। वार्ड नंबर एक के सैनिटरी इंस्पेक्टर के अनुसार, इस वर्ष जेपी गंगा सेतु घाट, घाट नंबर 93, 88 और 83 पर छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। वर्तमान में, इन घाटों की सफाई का काम जोरों पर है, और जल्द ही गड्ढों को भरकर रास्तों को समतल करने का लक्ष्य है। विशेष रूप से घाट नंबर 88 और 83 पर जलस्तर अभी भी काफी अधिक है। हालांकि, कनीय अभियंता शिशिर कुमार ने राहत भरी खबर दी है कि पिछले 24 घंटों में गंगा का जलस्तर लगभग 30 सेंटीमीटर घटा है। यदि यह गति बनी रही, तो छठ पूजा तक जलस्तर डेढ़ मीटर तक कम होने की पूरी संभावना है।

जलस्तर घटने के बाद की योजनाएँ: सुगम और सुरक्षित छठ की ओर

अपर जिला दंडाधिकारी खगेंद्र कुमार झा ने बताया कि जहाँ दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, वहाँ मिट्टी भरकर अस्थायी रास्ते तैयार किए जाएंगे। जलस्तर में कमी आते ही, घाटों का समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य अंतिम रूप से पूरे किए जाएंगे। अंडरपास में फंसे पानी को निकालने के लिए पंप मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, और जेपी गंगा पथ के नीचे बड़े गड्डों को बैरिकेडिंग से सुरक्षित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाया जा सके।

अवेयर मीडिया नेटवर्क

दानापुर के घाटों पर भी वही चुनौती: बढ़ा जलस्तर बनी बाधा

दानापुर क्षेत्र में भी गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर छठ की तैयारियों के लिए सबसे बड़ी बाधा साबित हो रहा है। कई पारंपरिक घाटों पर अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुँचने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष गंगा का जलस्तर सामान्य से कहीं अधिक है। नासरीगंज, फक्कर महतो घाट, हजामा टोली घाट, राजपूतना घाट, चाई टोला, नारियल घाट, वनपर टोली घाट, गुरूद्वारा घाट, चौधराना घाट, गोला घाट, इमलीतल घाट, पीपा पुल घाट और कचहरी घाट जैसे महत्वपूर्ण घाटों पर अभी भी पानी का जमाव है।

इस स्थिति से निपटने के लिए, नगर परिषद वैकल्पिक घाटों को तैयार करने पर भी विचार कर रही है। फक्कर महतो, राजपुतना और गुरूद्वारा घाट पक्के होने के कारण बेहतर स्थिति में हैं, जबकि अन्य घाट मिट्टी के होने के कारण कीचड़ और दलदल से भरे हो सकते हैं, जिससे व्रतियों को नारियल घाट जैसे पारंपरिक स्थलों पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एसडीओ दिव्या शक्ति ने आश्वस्त किया है कि घाटों की साफ-सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है, ताकि व्रतियों को अर्घ देने में न्यूनतम परेशानी हो।

प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा: सर्वोपरि

अधिकारियों का मानना है कि घाटों की अंतिम तैयारियों को जलस्तर घटने के बाद ही अंतिम रूप दिया जा सकेगा। नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जेपी गंगा सेतु और दानापुर के घाटों की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि छठ की तैयारियों में न केवल जलवायु परिवर्तन, बल्कि पारंपरिक संरचनाएं भी एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश कर रही हैं।

छठ पूजा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों पर एकत्रित होते हैं, इसलिए प्रशासन इस बार जलस्तर और दलदल जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। जलस्तर में कमी आते ही, घाटों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि लाखों व्रतियों के लिए इस पावन अवसर पर किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version