आज का पंचांग: 16 सितंबर 2025 – शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण
लेखक: पियूष उपाध्याय
पंचांग, भारतीय ज्योतिष का एक अनिवार्य अंग है, जिसका उपयोग शुभ मुहूर्त निकालने, त्योहारों की तिथियों को निर्धारित करने, व्रत-उपवास के समय तय करने और ग्रहों की चाल को समझने के लिए किया जाता है। यह हमें दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के लिए एक दिशा-निर्देश प्रदान करता है। आइए, आज के पंचांग में क्या खास है, उस पर एक नज़र डालते हैं।
सूर्य और चंद्रमा का खेल 🌅🌙
- सूर्योदय: सुबह 5:44 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:01 बजे
- चंद्रोदय: 17 सितंबर, 1:12 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त: 2:34 अपराह्न
दैनिक पंचांग का ताना-बाना 📅
- तिथि: दशमी 17 सितंबर, 12:21 पूर्वाह्न तक। इसके बाद एकादशी 17 सितंबर, सुबह 11:39 बजे से शुरू होगी।
- नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र सुबह 6:46 बजे तक रहेगा। इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र 17 सितंबर, सुबह 6:26 बजे से प्रारंभ होगा।
- योग: वरियाना योग 17 सितंबर, 12:34 पूर्वाह्न तक रहेगा।
- करण: वनीजा करण दोपहर 12:53 बजे तक रहेगा, जिसके उपरांत परिघा करण 17 सितंबर, सुबह 10:55 बजे से शुरू होगा। विष्टि करण 17 सितंबर, सुबह 12:21 बजे तक प्रभावी रहेगा।
- कार्य दिवस: आज मंगलवार है।
- पक्ष: कृष्ण पक्ष चल रहा है।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर का लेखा-जोखा 🌕
- विक्रम संवत: 2082 (कलायुक्त)
- संवत्सर: कालायुक्त 25 अप्रैल 2025, दोपहर 3:07 बजे तक।
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- सिद्धार्थ
- गुजराती संवत: 2081 (नाला)
- चंद्रमास: अश्विन (पूर्णिमांत)। भाद्रपद (अमंता) मास भी चल रहा है।
राशि और नक्षत्र का संगम ♈️⭐
- चंद्रमा की राशि: मिथुन 17 सितंबर, सुबह 12:28 बजे तक रहेगी। इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश करेगा।
- नक्षत्र पद: आर्द्रा नक्षत्र का पद सुबह 6:46 बजे तक रहेगा।
- सूर्य की राशि: सिंह राशि में सूर्य 17 सितंबर, सुबह 1:55 बजे तक रहेगा।
- सूर्य नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में सूर्य स्थित हैं।
- सूर्य पद: उत्तराफाल्गुनी का पद 17 सितंबर, 1:55 AM तक रहेगा।
- पुनर्वसु: दोपहर 12:38 बजे तक पुनर्वसु का पद रहेगा, और शाम 6:32 बजे तक भी यह प्रभावी रहेगा।
- कन्या: 17 सितंबर, सुबह 12:28 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र का पद कन्या राशि को प्रभावित करेगा।
ऋतु और अयाना की जानकारी 🍂☀️
- द्रिक ऋतू: शरद (शरद ऋतु)
- वैदिक अनुष्ठान: वर्षा (मानसून)
- ड्रिक अयाना: दक्षिणायन
- वैदिक अयन: दक्षिणायन
- दिनमान: 12 घंटे 16 मिनट 44 सेकंड
- रात्रिमान: 11 घंटे 43 मिनट 37 सेकंड
- मध्य: 11:53 पूर्वाह्न
शुभ और अशुभ समय की चौखट
शुभ क्षण:
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:11 पूर्वाह्न से 4:57 पूर्वाह्न तक
- प्रातः संध्या: 4:34 से 5:44 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: 11:28 से 12:17 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 1:55 से 2:44 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: 6:01 से 6:24 बजे तक
- सयाहना संध्या: 6:01 से 7:11 बजे तक
- अमृत कलाम: 17 सितंबर, 4:04 पूर्वाह्न से 17 सितंबर, 5:38 पूर्वाह्न तक
- निशिता मुहूर्त: 11:29 PM से 12:16 AM, 17 सितंबर तक
अशुभ क्षण (सावधानी बरतें):
- राहु कालम्: 2:57 से 4:29 बजे तक
- यामागांडा: 8:48 से 10:20 बजे तक
- आदल योग: 5:44 से 6:46 बजे तक
- विदाल योग: 17 सितंबर, 6:46 बजे से 5:45 बजे तक
- गुलिकाई कलम: 11:53 से 1:25 बजे तक
- दुर मुहूर्तम: 8:12 से 9:01 बजे तक
- वर्ज्यम: 6:36 से 8:10 बजे तक और रात 10:42 से 11:29 बजे तक
- बाना: अग्नि 17 सितंबर, 1:55 बजे तक।
- भद्र: 12:53 अपराह्न से 12:21 पूर्वाह्न, 17 सितंबर तक।
निवास और स्कूल की जानकारी 🏠📍
- घर का वास: राहु
- दिशा स्कूल: उत्तर
- अग्निवास: आकाश (स्वर्ग) 17 सितंबर, 12:21 बजे तक।
- चंद्र वास: पश्चिम में 17 सितंबर, 12:28 बजे तक। इसके बाद पाताल (दुर्लभ) में उत्तर दिशा की ओर।
- भद्रवास: स्वर्ग (12:53 PM से 12:21 AM, 17 सितंबर)
- राहु वास: पश्चिम
- शिववास: क्रिडा में 12:21 पूर्वाह्न, 17 सितंबर तक।
- कुंभ चक्र: तल
अन्य कैलेंडर और युगों का अवलोकन 🌎
- कलियुग: 5126 वर्ष
- लाहिड़ी अयनांशा: 24.222940
- काली अहरगना: 1872469 दिन
- रेट डाई: 739510
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 3 सितंबर, 2025 ई.
- जूलियन डे: 2460934.5 दिन
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: भाद्रपद 25, 1947 शक
- संशोधित जूलियन दिवस: 60934 दिन
- राष्ट्रीय निरयण तिथि: अश्विन 01, 1947 शक
चंद्रबलम और ताराबलम का प्रभाव ✨
- 17 सितंबर, 12:28 पूर्वाह्न तक शुभ चंद्रबल: मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर
- अगले दिन सूर्योदय तक शुभ चंद्रबल: वृषभ, कर्क, तुला, कुंभ
- सुबह 6:46 बजे तक शुभ मुहूर्त (ताराबल): अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद।
- अगले दिन सूर्योदय तक शुभ तरबलम: भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, अश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, ज्येष्ठा, पूर्वा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, रेवती।
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न ☀️
- पंचक रहित मुहूर्त: इस दिन कई शुभ समयावधियाँ उपलब्ध हैं, जिनका विस्तृत विवरण मूल स्रोत में देखा जा सकता है।
- उदय लग्न मुहूर्त: विभिन्न लग्न समय उपलब्ध हैं, जिनके लिए मूल स्रोत का अवलोकन करें।
महत्वपूर्ण सूचना: उपरोक्त सभी समय वाराणसी को केंद्र मानकर भारतीय स्थानीय समय (IST) के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में प्रस्तुत किए गए हैं। आधी रात (12 बजे) के बाद के घंटों को अगले दिन की तारीख के साथ अंकित किया गया है। पंचांग के अनुसार, एक दिन सूर्योदय से शुरू होकर अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।
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