FIDE विश्व कप 2025: गोवा में भारतीय शेरों की दहाड़ जारी, बचे हैं तीन दिग्गज!
गोवा की धरती पर FIDE शतरंज विश्व कप 2025 का रोमांच अपने चरम पर है, और इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से दिग्गजों को भी चकित कर दिया है। 206 खिलाड़ियों के महासंग्राम में 24 भारतीय शेरों ने शुरुआत की थी, लेकिन अब गिने-चुने तीन ही ऐसे शूरवीर बचे हैं जो विश्व खिताब के सपने को साकार करने के लिए डटे हुए हैं। ये तीन जांबाज हैं – अर्जुन एरिगैसी, आर. प्रज्ञानानंदा और पेंटाला हरिकृष्णा। बुधवार को दो भारतीय लाल किले, प्रणव वी और कार्तिक वेंकटारमन, को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा, लेकिन बाकी तीन की उम्मीदें अभी भी आसमान छू रही हैं।
अर्जुन की चालें, लेको की चुनौती!
चौथे राउंड का पहला गेम, जब अर्जुन एरिगैसी और हंगरी के दिग्गज ग्रैंडमास्टर पीटर लेको के बीच बिछ गया, तो 20 चालों में ही एक ऐसी चाल चली गई जिसने सबको चौंका दिया – ड्रॉ! दूसरे गेम में भी दोनों खिलाड़ियों ने अपनी फुर्तीली चालों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया, और 36 चालों के बाद यह मुकाबला भी बराबरी पर समाप्त हुआ। लेको ने अपनी प्रतिक्रिया में स्वीकार किया कि अर्जुन की ओपनिंग ने उन्हें जरा भी डराया नहीं, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि जब अर्जुन बिजली की रफ्तार से चलते हैं, तो एक अलग ही दबाव बन जाता है।
प्रज्ञानानंदा का हुनर, डुबोव की रचनात्मकता!
वहीं, बोर्ड नंबर तीन पर, युवा सनसनी आर. प्रज्ञानानंदा का मुकाबला रूस के डेनियल डुबोव से था। डुबोव ने अपनी खासियत के अनुसार एक बार फिर अपनी रचनात्मक ओपनिंग से सबको चौंकाया। लेकिन प्रज्ञानानंदा की अचूक चालों ने इस चुनौती को भी पार कर लिया और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
हरिकृष्णा का रक्षात्मक किला, ग्रांडेलियस की मशक्कत!
दूसरी ओर, अनुभवी पेंटाला हरिकृष्णा ने स्वीडन के ग्रैंडमास्टर निल्स ग्रांडेलियस के खिलाफ अपने रक्षात्मक खेल का ऐसा प्रदर्शन किया कि देखने वाले दंग रह गए। ग्रांडेलियस को कुछ मौकों पर बढ़त मिली, लेकिन हरिकृष्णा ने अपने अनुभव के खजाने से ऐसा बचाव किया कि मैच ड्रॉ कराने में सफल रहे।
गुरुवार को होगा अंतिम संग्राम – टाईब्रेकर का रोमांच!
अब ये तीनों भारतीय योद्धा गुरुवार को होने वाले टाईब्रेकर राउंड में अपनी किस्मत आजमाएंगे, जहां मुकाबला छोटे समय नियंत्रण के साथ खेला जाएगा। यह देखना रोमांचक होगा कि कौन सा भारतीय शेर इस अग्निपरीक्षा को पार कर अगले दौर में अपनी जगह पक्की करता है।
हार नहीं, सीख!
यह दुखद है कि प्रणव वी और कार्तिक वेंकटारमन, जिन्होंने शानदार शुरुआत की थी, दबाव के आगे टिक नहीं पाए। प्रणव को उज्बेकिस्तान के नोडिर्बेक याकुबोएव ने मात दी, जबकि कार्तिक वियतनाम के ली क्वांग लिएम से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। उनकी हार निराशाजनक है, पर यह उनकी अगली चढ़ाई की नींव जरूर बनेगी। कुल मिलाकर, भारतीय खिलाड़ियों ने इस विश्व कप में अब तक जो प्रदर्शन किया है, वह वाकई काबिले तारीफ है, और उनसे उम्मीद है कि वे आगे भी अपना दम दिखाते रहेंगे!
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