एशियाई पैरा गेम्स: पावरलिफ्टर अशोक का ‘सिल्वर’ धमाका, 192 किलो वजन उठाकर देश को दिलाया रजत पदक!

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एशियाई पैरा गेम्स: पावरलिफ्टर अशोक का 'सिल्वर' धमाका, 192 किलो वजन उठाकर देश को दिलाया रजत पदक!
Asian Para Games: पावरलिफ्टर अशोक ने 65 किग्रा वर्ग में 192 किलो उठाकर जीता रजत पदक

जज्बे की दहाड़: एशियाई पैरा खेलों में अशोक ने जीता सिल्वर, गोहाना के लाल ने बढ़ाया मान

भारत के जांबाज खिलाड़ी अशोक ने एशियाई पैरा खेलों में अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए पुरुषों की 65 किलो पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार रजत पदक अपने नाम किया है। पिछली बार कांस्य पदक जीतने वाले 37 वर्षीय अशोक ने इस बार अपने पदक का रंग बदलते हुए 192 किलो वजन उठाकर देश को गौरवान्वित किया। इस स्पर्धा में चीन के पैरालम्पिक चैंपियन जोउ यि ने 216 किलो वजन उठाकर स्वर्ण जीता, जबकि इंडोनेशिया के मारगोनो को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

अशोक के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 187 किलो के साथ आत्मविश्वास भरी शुरुआत की और दूसरे प्रयास में 192 किलो का भार सफलतापूर्वक उठाया। हालांकि, अपने अंतिम प्रयास में वह 201 किलो का चुनौतीपूर्ण वजन नहीं उठा सके। सोनीपत के गोहाना के रहने वाले अशोक की यह जीत उनकी अटूट इच्छाशक्ति का प्रमाण है, क्योंकि बचपन में ही वह पोलियो जैसी बीमारी का शिकार हो गए थे।

बता दें कि पैरा पावरलिफ्टिंग मूलतः एक बेंच प्रेस प्रतियोगिता है, जिसमें एथलीट के शरीर के ऊपरी हिस्से की ताकत की असली परीक्षा होती है। इसमें केवल एक ही मुख्य स्पर्धा होती है, जिसमें खिलाड़ी अपनी शारीरिक क्षमताओं के आधार पर विभिन्न वजन श्रेणियों में चुनौती पेश करते हैं। इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ी अक्सर कूल्हों या पैरों की शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे होते हैं, लेकिन उनका हौसला सामान्य से कहीं अधिक होता है।

प्रतियोगिता के अन्य मुकाबलों में, राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता झंडू कुमार आठ खिलाड़ियों के बीच पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने 190 किलो वजन उठाया, लेकिन अगले दो प्रयासों में वह 195 किलो के लक्ष्य को पार नहीं कर सके। इस वर्ग में मलेशिया के अनक गस्टिन ने 225 किलो के रिकॉर्ड वजन के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। महिलाओं के वर्ग में, 61 किलो भार वर्ग में सुमन देवी छठे और सीमा रानी सातवें स्थान पर रहीं। सुमन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 101 किलो रहा, जबकि सीमा रानी के दो प्रयास विफल रहे और उन्होंने अपने एकमात्र सफल प्रयास में 96 किलो वजन उठाया।


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