क्रिकेट के मैदान पर पैसों की बरसात: जानिए BCCI की खिलाड़ियों की सैलरी का पूरा हिसाब!
क्या आप जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटरों में शुमार हैं? इसके पीछे का राज है भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की दमदार आर्थिक ताकत और पारदर्शिता से भरी सैलरी प्रणाली। BCCI सिर्फ खिलाड़ियों को सालाना अनुबंध ही नहीं देता, बल्कि हर मैच के लिए एक अलग फीस भी तय करता है। आइए, इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों को टेस्ट, वनडे और टी20 जैसे प्रारूपों में खेलने के लिए कितनी मोटी रकम मिलती है।
मैच फीस का राज: सबको मिले बराबर का मौका
BCCI ने खिलाड़ियों के लिए मैच फीस का एक स्पष्ट ढांचा बनाया है, जो सभी ग्रेड (A+, A, B, C) के खिलाड़ियों के लिए एक समान है। हालांकि, यह पूरी राशि केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलती है जो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं।
- टेस्ट मैच: 15 लाख रुपये प्रति मैच
- वनडे (ODI): 6 लाख रुपये प्रति मैच
- टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I): 3 लाख रुपये प्रति मैच
और अगर कोई खिलाड़ी बेंच पर यानी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पाता है, तो उसे उस मैच की आधी फीस मिलती है। यानी, अगर कोई वनडे में नहीं खेलता है, तो उसे 3 लाख रुपये प्राप्त होंगे।
अवेयर मीडिया नेटवर्क
2022-23 से टेस्ट क्रिकेट को खास तवज्जो: ‘इंसेंटिव स्कीम’ का कमाल
टेस्ट क्रिकेट को और भी आकर्षक बनाने के लिए BCCI ने 2022-23 सीजन से एक खास ‘इंसेंटिव स्कीम’ शुरू की है, जो 2024-25 सीजन तक जारी है। यह स्कीम खिलाड़ियों को टेस्ट मैचों में उनके योगदान के आधार पर अतिरिक्त बोनस प्रदान करती है:
- 75% या अधिक टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी: प्रति टेस्ट 30 लाख रुपये का अतिरिक्त बोनस (कुल 45 लाख प्रति मैच)
- 50% से 75% टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी: प्रति टेस्ट 15 लाख रुपये का अतिरिक्त बोनस (कुल 30 लाख रुपये प्रति मैच)
- 50% से कम टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ी: कोई अतिरिक्त इंसेंटिव नहीं (सिर्फ 15 लाख रुपये प्रति मैच)
इस योजना का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट के प्रति और अधिक प्रेरित करना और उन्हें आईपीएल जैसी लीगों के मुकाबले भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
सालाना मोटी कमाई: BCCI के अनुबंध की ग्रेडिंग
BCCI अपने खिलाड़ियों को उनकी परफॉरमेंस और अनुभव के आधार पर विभिन्न ग्रेड में बांटता है, जिसके अनुसार उनकी सालाना फीस भी तय होती है:
- ग्रेड A+ के खिलाड़ी: इस ग्रेड में रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा जैसे चार धुरंधर शामिल हैं। इन्हें सालाना 7 करोड़ रुपये की मैच फीस मिलती है।
- ग्रेड A के खिलाड़ी: मोहम्मद सिराज, केएल राहुल, शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद शमी और ऋषभ पंत जैसे छह खिलाड़ी इस ग्रेड में हैं, जिन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये मिलते हैं।
- ग्रेड B के खिलाड़ी: सूर्य कुमार यादव, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर जैसे पांच खिलाड़ी इस ग्रेड में आते हैं और इन्हें सालाना 3 करोड़ रुपये की फीस मिलती है।
- ग्रेड C के खिलाड़ी: इस ग्रेड में 19 खिलाड़ियों का बड़ा समूह है, जिसमें रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, वाशिंगटन सुंदर, मुकेश कुमार, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, रजत पाटीदार, ध्रुव जुरेल, सरफराज खान, नीतीश कुमार, इशान किशन, अभिषेक शर्मा, आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा शामिल हैं। इन सभी को सालाना 1 करोड़ रुपये की फीस दी जाती है।
- महिला क्रिकेटरों की फीस: 2022 से ‘पे इक्विटी पॉलिसी’ लागू होने के बाद, महिला क्रिकेटरों को भी पुरुषों के बराबर मैच फीस मिलती है। 2024-25 में भी यही नियम जारी है।
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