सिंगापुर की लहरों में रहस्य, मौत का काला साया?
सिंगापुर के समंदर की लहरों में एक दुखद घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। मशहूर जुबिन गर्ग, जिनकी मौत ने पूरे देश को गम में डुबो दिया, वह श्यामकानु महंत और उनकी कंपनी द्वारा आयोजित एक भव्य महोत्सव के चौथे संस्करण में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे। लेकिन यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित हुई।
‘जाने दो, जाने दो’ की चीख और डूबने का भयावह मंजर
आधिकारिक नोट में सामने आई जानकारी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। जब जुबिन गर्ग सांस लेने के लिए हांफ रहे थे और डूबने की कगार पर थे, तब सिद्धार्थ शर्मा को ‘जाबो दे, जाबो दे’ (जाने दो, जाने दो) चिल्लाते हुए सुना गया। यह चौंकाने वाला बयान एक गवाह द्वारा दिया गया है, जिसने बताया कि जुबिन गर्ग एक कुशल तैराक थे, और इसलिए यह घटना मात्र डूबने की नहीं हो सकती।
एसआईटी की गहन जांच और गंभीर आरोप
इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर खुलासे किए हैं। एसआईटी की सदस्य और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रोजी कालिता के हस्ताक्षर वाले इस नोट में गोस्वामी द्वारा लगाए गए आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। उनका कहना है कि शर्मा और श्यामकानु महंत ने जुबिन गर्ग को जहर दिया था, और इस खौफनाक साजिश को छिपाने के लिए विदेश में इस घटना को अंजाम दिया गया। यहीं नहीं, शर्मा ने नौका के किसी भी वीडियो को किसी के साथ साझा न करने का भी सख्त निर्देश दिया था।
यह मामला अब एक साधारण दुर्घटना से कहीं अधिक गंभीर मोड़ ले चुका है, और सिंगापुर की लहरों में दबी सच्चाई को उजागर करने के लिए एसआईटी पूरी ताकत से जुटी हुई है।
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