गोरखपुर बीजेपी में बगावत के बाद बड़ा बदलाव, संजयन त्रिपाठी सपा में शामिल

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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गोरखपुर बीजेपी में बगावत के बाद बड़ा बदलाव, संजयन त्रिपाठी सपा में शामिल

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव को लेकर गोरखपुर की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी का टिकट नहीं मिलने के बाद नाराज चल रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। इसके साथ ही सपा ने उन्हें इसी सीट से अपना नया प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

बीजेपी से नाराजगी के बाद बदला राजनीतिक रुख

डॉ. संजयन त्रिपाठी इस सीट से बीजेपी के टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे। पार्टी ने हालांकि मौजूदा एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया। टिकट नहीं मिलने के बाद संजयन त्रिपाठी ने पार्टी के फैसले पर नाराजगी जताई और अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा उतार दिया था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया था।

अब घटनाक्रम ने तेजी से करवट ली है। शनिवार को संजयन त्रिपाठी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

सपा ने कमलेश यादव का टिकट बदला

संजयन त्रिपाठी के सपा में शामिल होने के साथ ही पार्टी ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर अपना प्रत्याशी भी बदल दिया। पहले सपा ने कमलेश यादव को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अब उनकी जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया गया है।

इस बदलाव से इस सीट का चुनावी मुकाबला भी नए सिरे से चर्चा में आ गया है। बीजेपी ने यहां ध्रुव कुमार त्रिपाठी को मैदान में उतारा है।

विनय शंकर तिवारी की भूमिका की चर्चा

संजयन त्रिपाठी की अखिलेश यादव से मुलाकात को लेकर शुक्रवार से ही राजनीतिक हलचल तेज थी। रिपोर्टों के मुताबिक, चिल्लूपार के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी उन्हें लखनऊ लेकर पहुंचे थे। इसके बाद सपा में शामिल होने और प्रत्याशी बदले जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

विनय शंकर तिवारी पूर्वांचल के वरिष्ठ नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। इसी वजह से इस पूरे घटनाक्रम को गोरखपुर की स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहले निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी थी

बीजेपी से टिकट कटने के बाद संजयन त्रिपाठी ने पहले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि वह शिक्षकों और विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद उन्होंने नामांकन भी दाखिल किया था।

अब सपा का आधिकारिक प्रत्याशी बनने के बाद उनका मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी सहित अन्य प्रत्याशियों से होगा।

23 अक्टूबर को मतदान

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र समेत उत्तर प्रदेश की 11 शिक्षक और स्नातक विधान परिषद सीटों पर चुनाव कार्यक्रम जारी है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

संजयन त्रिपाठी के बीजेपी से सपा में जाने और सपा द्वारा उन्हें टिकट देने से गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट का मुकाबला अब पहले के मुकाबले अलग राजनीतिक समीकरण में पहुंच गया है। हालांकि, इस घटनाक्रम का व्यापक असर आगामी विधानसभा चुनाव पर कितना पड़ेगा, यह आगे की राजनीतिक गतिविधियों और स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगा।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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