जयपुर के बजाज नगर स्थित राडो शोरूम में हुई करोड़ों की चोरी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वारदात की पूरी साजिश की परतें खुल रही हैं। पुलिस को CCTV से आरोपियों की गतिविधियों के साथ भागने के रास्तों और संभावित ठिकानों के बारे में अहम जानकारी मिली है।
36 मिनट में शोरूम साफ, 251 घड़ियां गायब
टोंक रोड स्थित द वॉच फैक्ट्री शोरूम को करीब 13 बदमाशों ने निशाना बनाया। पुलिस के मुताबिक, तड़के शटर तोड़कर अंदर घुसे आरोपियों ने महज 36 मिनट में करीब 5 करोड़ रुपये कीमत की 251 लग्जरी घड़ियां चोरी कर लीं। इतनी बड़ी संख्या में महंगी घड़ियों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
बाहर खड़े थे तीन बदमाश
जांच में सामने आया है कि गिरोह ने वारदात के दौरान पूरी तैयारी कर रखी थी। तीन आरोपी शोरूम के बाहर सड़क पर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे। वे आने-जाने वाले लोगों और किसी संभावित खतरे पर नजर रख रहे थे।
इससे पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने पहले इलाके की रेकी की और फिर चोरी के बाद भागने की योजना बनाई।
CCTV में घायल आरोपी की तस्वीर
जयपुर और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगालने के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला। एक आरोपी लंगड़ाते हुए दिखाई दिया, जबकि उसके दो साथी उसे कंधे का सहारा देकर ले जा रहे थे।
पुलिस को शक है कि भागते समय आरोपी घायल हुआ। अब तक छह संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
120 पुलिसकर्मी जांच में जुटे
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के मुताबिक, जांच के लिए CST, ईस्ट DST और अलग-अलग थानों के करीब 120 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। इनमें लगभग 30 पुलिसकर्मी केवल CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं।
पुलिस अब तक 1100 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगाल चुकी है। तकनीकी जांच के लिए भी 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।
चार आरोपी बस से फरार, नेपाल कनेक्शन की जांच
पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात के बाद चार आरोपी सिंधी कैंप पहुंचे और वहां से हरियाणा रोडवेज की बस में सवार होकर फरार हुए। गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के ट्रेन से भागने की आशंका भी जताई जा रही है।
चोरी की घड़ियों को नेपाल में खपाने की आशंका के चलते पुलिस की टीमें नेपाल, दिल्ली और गाजियाबाद में सक्रिय हैं। एक टीम को नेपाल भेजे जाने की भी जानकारी है।
घड़ियों की बरामदगी बनी सबसे बड़ी चुनौती
करीब 5 करोड़ रुपये की 251 लग्जरी घड़ियों की बरामदगी अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। CCTV, तकनीकी साक्ष्य और आरोपियों के मूवमेंट को जोड़कर पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
यह मामला सिर्फ एक बड़े शोरूम में चोरी का नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई वारदात का संकेत देता है। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस कब आरोपियों तक पहुंचती है और चोरी का पूरा माल बरामद कर पाती है।
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