मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की सियासत में दल-बदल का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। बीजेपी नेता और पूर्व सांसद राजपाल सैनी आज समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। पिछले कई महीनों से बीजेपी के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए राजपाल सैनी अपने समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि वह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
सपा के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने भी राजपाल सैनी के सपा में शामिल होने की जानकारी की पुष्टि की है। ऐसे में उनके पाला बदलने को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
मीरापुर सीट से टिकट के दावेदार
राजपाल सैनी को आगामी विधानसभा चुनाव में मीरापुर विधानसभा सीट से सपा का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस सीट पर आधिकारिक रूप से किसी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है।
राजपाल सैनी इससे पहले मुजफ्फरनगर जिले की खतौली विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में उनके सपा में जाने के बाद पश्चिमी यूपी की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।
कई राजनीतिक दलों में रह चुके हैं राजपाल सैनी
राजपाल सैनी का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। वह पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं। अगस्त 2021 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी छोड़कर सपा की सदस्यता ली थी। इसके बाद सपा-रालोद गठबंधन के दौरान उन्होंने 2022 का खतौली विधानसभा चुनाव राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर लड़ा था।
साल 2023 में राजपाल सैनी ने RLD छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। अब एक बार फिर उनके सपा में लौटने की संभावना ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति को चर्चा में ला दिया है।
बीजेपी के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
राजपाल सैनी का सपा में जाना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल अभी से संगठन मजबूत करने में जुटे हैं। पश्चिमी यूपी में जातीय और सामाजिक समीकरण चुनावी नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राजपाल सैनी की राजनीतिक पकड़ और उनके समर्थकों का प्रभाव आने वाले चुनाव में सपा के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
मुरादाबाद में भी बीजेपी को लग चुका है झटका
इससे पहले गुरुवार को मुरादाबाद से बीजेपी के पूर्व विधायक राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी समेत कई नेताओं ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
राजीव चन्ना और मनमोहन सैनी के सपा में शामिल होने को भी 2027 के चुनाव से पहले मुरादाबाद की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, सपा ने अभी तक मुरादाबाद शहर समेत संबंधित सीटों पर अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।
2027 से पहले बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
राजपाल सैनी के सपा में शामिल होने की संभावित खबर से साफ है कि यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला और तेज हो सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजपाल सैनी को सपा किस सीट से चुनाव मैदान में उतारती है और उनका यह कदम बीजेपी के चुनावी समीकरणों पर कितना असर डालता है।
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