अमेरिका ने यूक्रेन को दिया डबल झटका! मस्क की कंपनी ने कम की इंटरनेट स्पीड, मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल पर लगी पाबंदी

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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अमेरिका ने यूक्रेन को दिया डबल झटका! मस्क की कंपनी ने कम की इंटरनेट स्पीड, मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल पर लगी पाबंदी

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में तनाव बढ़ता दिख रहा है। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से बड़े पैमाने पर डीजल लेने का समझौता किया है, वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ने शिकायत की है कि उसकी सैन्य सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर अचानक प्रतिबंध लगाए गए, जिससे ड्रोन मिशनों पर असर पड़ा। एलन मस्क ने कहा है कि Starshield पर इस्तेमाल संबंधी सीमाएं अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आती हैं।

यूक्रेन की सैन्य इकाइयों ने 13-14 अक्टूबर की रात सैटेलाइट कनेक्टिविटी में अचानक बदलाव की शिकायत की। रिपोर्टों के मुताबिक, सैन्य इस्तेमाल वाले Starshield टर्मिनलों पर लगभग 100 मील प्रति घंटे यानी 160 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति पर कनेक्शन प्रभावित हुआ। इससे कुछ ड्रोन मिशन बाधित हुए।

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—Starshield, Starlink का सैन्य/सरकारी संस्करण है, जबकि सामान्य Starlink एक कमर्शियल सेवा है। यूक्रेन की सेना युद्ध के दौरान सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर काफी निर्भर रही है।

ड्रोन ऑपरेशन पर पड़ा असर

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, अचानक लगाए गए स्पीड प्रतिबंधों से कुछ ड्रोन मिशन बाधित हुए। सैन्य ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी, संचार और रूसी ठिकानों के खिलाफ अभियानों में किया जाता है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि कनेक्शन टूटने से कई मिशन रद्द करने पड़े।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि यूक्रेन की पूरी सैन्य सैटेलाइट सेवा बंद हो गई थी। 15 अक्टूबर को यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक स्रोत ने बताया कि कनेक्टिविटी बहाल कर दी गई और सेवा चालू रही, हालांकि स्पीड संबंधी सीमा को लेकर स्थिति बनी हुई थी।

मस्क ने जिम्मेदारी अमेरिका पर डाली

एलन मस्क ने यूक्रेन की शिकायतों के बाद कहा कि Starshield सिस्टम अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में हैं और उनकी स्पीड या इस्तेमाल पर कोई भी सीमा अमेरिकी सेना तथा अंततः राष्ट्रपति तय करते हैं।

यानी मस्क के बयान के मुताबिक, यूक्रेन में सैन्य Starshield इस्तेमाल को लेकर फैसला केवल SpaceX का निजी कारोबारी निर्णय नहीं है।

ट्रंप-पुतिन की डीजल डील से भी मचा विवाद

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल आपूर्ति का समझौता घोषित किया। ट्रंप के मुताबिक रूस अमेरिका और वैश्विक बाजार को बड़ी मात्रा में डीजल उपलब्ध कराएगा। रिपोर्टों के अनुसार शुरुआती आपूर्ति 3 लाख टन से अधिक बताई गई है, इसके बाद नवंबर में अतिरिक्त 5 लाख टन और आगे 10 लाख टन की आपूर्ति की बात कही गई।

इस फैसले पर यूक्रेन और अमेरिकी राजनीति में सवाल उठे हैं, क्योंकि रूस के खिलाफ ऊर्जा प्रतिबंधों की अमेरिकी नीति में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

क्या दोनों घटनाओं का आपस में संबंध है?

Starshield प्रतिबंध और रूसी डीजल डील एक ही समय के आसपास सामने आए हैं, लेकिन इन दोनों फैसलों के बीच सीधा आधिकारिक संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।

कुछ रिपोर्टों में अमेरिकी दबाव को यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए जा रहे हमलों से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने Starshield प्रतिबंध की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं की है।

जेलेंस्की ने फैसले को बताया बड़ी गलती

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने Starshield से जुड़ी पाबंदियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसे “बहुत बड़ी गलती” बताते हुए कहा कि इससे मानवीय नुकसान हो सकता है।

वहीं, अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना जारी रख रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 13 अक्टूबर को कहा था कि अमेरिका यूक्रेन की मदद कर रहा है और दोनों पक्षों के साथ युद्ध समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है।

यूक्रेन के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

Starshield पर अस्थायी या आंशिक प्रतिबंध ने एक महत्वपूर्ण कमजोरी सामने ला दी है—यूक्रेन की सैन्य संचार व्यवस्था में अमेरिकी तकनीक की बड़ी भूमिका है। यदि ऐसी सेवाओं पर अचानक सीमाएं लगती हैं, तो ड्रोन ऑपरेशन और युद्धक्षेत्र में संचार प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना ज्यादा सही होगा कि यूक्रेन को सैटेलाइट सेवा में गंभीर व्यवधान और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा, न कि उसकी पूरी इंटरनेट व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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