जवाद अहमद सिद्दीकी की 13 दिन की ईडी रिमांड: अल-फलाह विश्वविद्यालय के वित्तीय लेखा-जोखा पर गहन जांच
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अल-फलाह विश्वविद्यालय के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को 13 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रिमांड पर भेजा है। यह रिमांड 1 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी, जिसके दौरान ईडी इस मामले की गहराई से जांच करेगा।
न्यायालय द्वारा प्रस्तुत की गई जानकारी के अनुसार, ईडी ने एक विस्तृत वित्तीय विश्लेषण पेश किया है। इस विश्लेषण से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2018–19 से लेकर 2024–25 तक की अवधि में, अल-फलाह संस्थानों ने शिक्षा-संबंधी प्राप्तियों के तौर पर लगभग 415.10 करोड़ रुपये की एक बड़ी राशि अर्जित की है।
प्रवर्तन निदेशालय का मुख्य तर्क यह है कि यह धन “अपराध से अर्जित आय” के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। ईडी का दावा है कि विश्वविद्यालय ने उक्त अवधि के दौरान अपनी मान्यता और वैधानिक दर्जे के संबंध में जनता को भ्रामक जानकारी प्रदान की। इस पृष्ठभूमि में, प्राप्त की गई आय पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और ईडी इसी पहलू की जांच कर रहा है कि क्या यह आय विश्वविद्यालय के गलत बयानों से जुड़ी हुई है।
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