अनिल अंबानी और आरकॉम पर सीबीआई का शिकंजा: 40,185 करोड़ के लोन डिफॉल्ट का मामला गरमाया!
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और इसके अध्यक्ष अनिल अंबानी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तार 40,185 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लोन डिफॉल्ट से जुड़े हैं। सीबीआई ने हाल ही में एफआईआर दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे यह मामला और भी तूल पकड़ता दिख रहा है।
एफआईआर में किन धाराओं का है जिक्र?
सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा-120-बी (आपराधिक साजिश), 406 (धोखाधड़ी) और 420 (बेईमानी) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 13(2) (भ्रष्टाचार) के तहत दर्ज की गई है। यह गंभीर धाराओं का इस्तेमाल दर्शाता है कि मामला कितना गंभीर है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसी के अनुसार, आरकॉम और उसकी समूह की कंपनियों ने 2010 से 2012 के बीच घरेलू और विदेशी बैंकों से बड़ी मात्रा में कर्ज लिया था। इस कर्ज का एक बड़ा हिस्सा, यानी 40,185 करोड़ रुपये, आज भी बकाया है। चिंताजनक बात यह है कि देश के पांच प्रमुख बैंकों ने आरकॉम समूह के बैंक खातों को धोखाधड़ी के तहत चिह्नित कर दिया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आरकॉम पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रही है। सीबीआई की यह ताजा कार्रवाई अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है। इस पूरे मामले में आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
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