देशभक्ति की कसौटी: जब एक वैज्ञानिक को हिरासत में लिया गया और एक क्रिकेट मैच पर सवाल उठा
लद्दाख में जहाँ एक ओर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सौर टेंट जैसी महत्वपूर्ण तकनीक विकसित करने वाले कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया, वहीं दूसरी ओर भारत-पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित एशिया कप क्रिकेट फाइनल मैच को लेकर देश में देशभक्ति की परिभाषा पर बहस छिड़ गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस विरोधाभासी स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए केंद्र सरकार से सीधे सवाल पूछे हैं।
मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए, ठाकरे ने जहाँ एक ओर सोनम वांगचुक को ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दिए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने देशभक्त नागरिकों से अपील की कि वे भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल मुकाबले का बहिष्कार करें। इतना ही नहीं, उन्होंने कंपनियों से भी आग्रह किया कि वे इस क्रिकेट मैच के दौरान अपने उत्पादों के विज्ञापन न दिखाएं, ताकि पाकिस्तान को किसी भी तरह से समर्थन न मिले।
ठाकरे ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सोनम वांगचुक ने हमारी सेना के लिए सौर टेंट तकनीक विकसित की, जो दुर्गम इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए जीवनरक्षक साबित होती है। ऐसे व्यक्ति को राष्ट्र-विरोधी करार दिया जा रहा है और NSA के तहत हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं, जो देश में आतंकवाद फैलाता है। यह किस प्रकार की देशभक्ति है?”
यह पूरा मामला लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी से जुड़ा है। वांगचुक को शुक्रवार को NSA के तहत गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया था। यह गिरफ्तारी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहे उनके 15 दिन के अनशन के समर्थन में हुए प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद हुई, जिसमें चार लोगों की मौत और 90 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
वांगचुक ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (LAB) और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ (KDA) के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, जो लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और वहां के निवासियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर पिछले पांच वर्षों से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र सरकार के 2019 के फैसले के बाद पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नामक दो केंद्र-शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था। विपक्षी दल, इसी तरह के कई मुद्दों पर, भारत सरकार के एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम को खेलने की अनुमति देने के फैसले पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका मानना है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के खिलाफ ऐसे खेल आयोजनों में भाग लेना गलत है।
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