बिहार चुनाव का आगाज़: 243 सीटों पर दो चरणों में होगा मतदान, जानिए कब क्या होगा
बिहार में चुनावी रणभेरी बज चुकी है! मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने एक महत्वपूर्ण घोषणा में बताया है कि राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण में 121 सीटों पर, जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
चुनाव की तारीखों का विस्तृत ब्यौरा:
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पहले चरण के लिए:
- अधिसूचना जारी: 10 अक्टूबर
- नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि: 17 अक्टूबर
- नामांकन पत्रों की जांच: 18 अक्टूबर
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर
- दूसरे चरण के लिए:
- अधिसूचना जारी: 13 अक्टूबर
- नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि: 20 अक्टूबर
- नामांकन पत्रों की जांच: 21 अक्टूबर
- नाम वापस लेने की अंतिम तिथि: 23 अक्टूबर
मतदाताओं का महासागर: 14 लाख नए चेहरे मैदान में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त, ज्ञानेश कुमार, ने बिहार के चुनावी परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस बार राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 7.43 करोड़ है। इस विशाल मतदाता समूह में 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिला मतदाता और 1,725 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
विशेष रूप से, 14 लाख नए फर्स्ट टाइम वोटर इस बार बिहार की चुनावी तस्वीर में एक नया रंग भरने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही, 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता और 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी मतदान प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। 100 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या भी 14 हजार पार कर गई है, जो लोकतंत्र के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।
ईवीएम में ‘रंग’ और ‘आवाज़’: पारदर्शिता की नई बयार
चुनाव आयोग ने मतदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीरें अब रंगीन दिखाई देंगी, जिससे मतदाताओं के लिए उम्मीदवारों की पहचान करना और भी आसान हो जाएगा। इसके अलावा, क्रम संख्या का फॉन्ट भी बड़ा होगा, जो वरिष्ठ नागरिकों और कमज़ोर दृष्टि वाले मतदाताओं के लिए मददगार साबित होगा।
राजनीतिक दलों की मांगों और पारदर्शिता के महत्व को समझते हुए, आयोग ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है: मतगणना के दौरान, ईवीएम के अंतिम दो दौर से पहले डाक मतपत्रों की गिनती करना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के तहत, मतदाता अब मतदान केंद्र के अंदर अपने मोबाइल फोन ले जाने के बजाय, मतदान कक्ष के ठीक बाहर अपना मोबाइल जमा करा सकेंगे और मतदान करने के बाद उसे वापस ले सकेंगे। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में मोबाइल फोन के दुरुपयोग को रोकने और मतदान को अधिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह चुनाव बिहार के भविष्य की दिशा तय करेगा, और इन नई पहलों से यह सुनिश्चित होगा कि हर वोट की गिनती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो।
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