लाल किले की साये में गिरफ्तारी और 79 पन्नों का फैसला: ISIS के संदेह से बरी हुए दो आरोपी
विशेष प्रकोष्ठ के दावों के मुताबिक, इन दोनों को लाल किले के करीब नेताजी सुभाष मार्ग स्थित जामा मस्जिद बस स्टॉप से दबोचा गया था। उस वक्त तलाशी के दौरान उनके पास से 7.65 एमएम की दो पिस्तौलें और दस जिंदा कारतूस बरामद करने की बात कही गई थी।
हालांकि, बृहस्पतिवार को सुनाए गए 79 पन्नों के एक विस्तृत आदेश में अदालत ने स्थिति स्पष्ट कर दी। अदालत ने अपने फैसले में कहा, “अभियोजन पक्ष दोनों आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है। लिहाजा, दोनों को सभी आरोपों से बरी किया जाता है।”
अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला कि आरोपियों ने किसी कथित साजिश के तहत हथियार खरीदे या उन्हें इकट्ठा किया था। इसके अलावा, ब्लैकबेरी मैसेंजर (BBM) और व्हाट्सऐप के जरिए अपने कथित आकाओं या सह-आरोपियों से संपर्क में रहने के दावे भी साक्ष्यों के अभाव में टिक नहीं सके।
अंततः अदालत ने यह निष्कर्ष निकाला कि 6 सितंबर 2018 से पहले की किसी भी अवधि में उनके आईएसआईएस (ISIS) का सदस्य होने के आरोप भी पूरी तरह अप्रमाणित रहे।
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