पश्चिमी सिंहभूम में अंधविश्वास का खौफ: जादू-टोना के शक में महिला की निर्मम हत्या
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से अंधविश्वास और क्रूरता की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जादू-टोना करने के संदेह में 59 वर्षीय एक महिला, जमुना पूर्ति, की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को इस भयानक घटना का खुलासा किया, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
सूचना और शव बरामदगी:
सोनुआ थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जमुना पूर्ति का क्षत-विक्षत शव शुक्रवार को बलिजुरी गांव के पास एक पुलिया के नीचे बरामद हुआ। यह दृश्य अत्यंत भयावह था, जो हत्या की निर्ममता को दर्शाता है।
पारिवारिक आरोप और ग्रामीण शक:
महिला का सबसे बड़ा बेटा, सनातन पूर्ति, जो चेन्नई में काम करता है, अपनी मां के लापता होने की सूचना पर घर लौटा। लौटते ही उसने ग्रामीणों पर उसकी मां की हत्या का आरोप लगाया। सनातन ने बताया कि गांव में जब भी किसी की मृत्यु होती थी, तो उसकी मां पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया जाता था। यह ग्रामीण सोच जमुना पूर्ति के लिए मौत का फरमान साबित हुई।
अपहरण की प्राथमिकी और परिवार:
इससे पहले, मंगलवार को पीड़िता की बहू, सुखमती पूर्ति, ने अपनी सास के अपहरण के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, जमुना पूर्ति अपने सबसे छोटे बेटे शिव कुमार पूर्ति, बड़ी बहू सुखमती पूर्ति और बेटी सूर्यमणि कुंकल के साथ बलिजुरी गांव में ही रहती थी।
लापता होने से लेकर शव मिलने तक का घटनाक्रम:
प्राथमिकी के अनुसार, महिला रविवार रात को अपने घर से लापता हो गई थी। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। मंगलवार को हताश होकर उन्होंने पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने जमुना पूर्ति के बड़े बेटे सनातन पूर्ति को भी सूचित किया, जो बृहस्पतिवार को चेन्नई से घर लौटा। विडंबना यह है कि जिस दिन वह घर पहुंचा, अगले ही दिन शुक्रवार को उसकी मां का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
हत्या का तरीका और जांच:
भेंगरा ने बताया कि शव की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि धारदार हथियार से पांच दिन पहले हत्या की गई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के तरीके और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है।
यह घटना न केवल एक व्यक्ति की जान का नुकसान है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास और उसके भयानक परिणामों पर भी सवाल उठाती है। पुलिस प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश में जुटी है।
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