नई दिल्ली: धौला कुआं में भीषण BMW हादसा, वित्त मंत्रालय के अधिकारी की मौत, महिला ड्राइवर हिरासत में
नई दिल्ली: रविवार को राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाले हादसे ने सबको झकझोर दिया। धौला कुआं इलाके में एक तेज रफ्तार BMW कार ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी, नवजोत सिंह को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
गगनप्रीत कौर हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को आरोपी महिला ड्राइवर, गगनप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया। वह जीटीबी नगर के नूलाइफ अस्पताल में इलाज करा रही थीं। गगनप्रीत पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है और पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में लिया गया है।
कौन हैं गगनप्रीत कौर?
गगनप्रीत कौर और उनके पति परीक्षित मक्कड़ गुरुग्राम के रहने वाले हैं। दोनों लेदर के लग्जरी उत्पाद बनाने और बेचने का व्यवसाय करते हैं। जिस अस्पताल में गगनप्रीत ने घायलों को भर्ती कराया था, उसमें उनके पिता की हिस्सेदारी बताई जा रही है।
दिवंगत नवजोत सिंह कौन थे?
52 वर्षीय नवजोत सिंह, आर्थिक मामलों के विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे और हरि नगर के निवासी थे। वे कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। हादसे के समय उनकी पत्नी, संदीप, मोटरसाइकिल पर पीछे बैठी थीं, जो इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
चश्मदीद का बयान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गगनप्रीत कौर द्वारा चलाई जा रही BMW कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई और फिर मेट्रो पिलर नंबर 67 के पास नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से जा भिड़ी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल सड़क से गुजर रही एक बस से जा टकराई। हादसे के बाद, गगनप्रीत, उनके पति और उनके दो बच्चों ने घायलों को जीटीबी नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि एम्स और आर्मी बेस अस्पताल नजदीक ही थे।
मृतक की पत्नी का आरोप
नवजोत सिंह की पत्नी संदीप ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार गगनप्रीत से नजदीकी अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें लगभग 22 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के एक छोटे अस्पताल में ले जाया गया। वहां उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर इंतजार करने को कहा गया। संदीप का मानना है कि अगर उन्हें पास के अस्पताल ले जाया जाता तो शायद नवजोत की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और BNS अधिनियम की धारा 238 के तहत जांच शुरू कर दी है। यह धारा सबूत नष्ट करने या अपराधी को बचाने के प्रयासों से संबंधित है।
CCTV फुटेज की तलाश
जांच टीम ने दुर्घटनाग्रस्त कार का रजिस्ट्रेशन नंबर 0008 होने की पुष्टि की है। कार पलट गई थी और घटना स्थल से CCTV फुटेज जुटाए जा रहे हैं। गगनप्रीत और उनके पति के खून के नमूने अल्कोहल टेस्ट के लिए भेजे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या गगनप्रीत के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था।
हादसे पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर ऐसे हादसों में शामिल ड्राइवरों के लिए सख्त कानूनों की आवश्यकता पर सवाल उठा रही है। लोगों में गुस्सा है और सोशल मीडिया पर भी कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।
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