पवन सिंह और ज्योति का विवाद: चुनावी मौसम में गरमाई सियासी हवा, पारिवारिक कलह बनी चर्चा का विषय
बिहार की राजनीतिक गलियों और भोजपुरी सिनेमा के गलियारों में अपने गानों और फिल्मों से धूम मचाने वाले सुपरस्टार पवन सिंह इन दिनों एक अलग ही वजह से सुर्खियों में हैं. हालांकि, इस बार उनके चर्चा में आने का कारण उनकी कोई नई रिलीज नहीं, बल्कि एक गहरा पारिवारिक विवाद है, जिसने चुनावी सरगर्मी के बीच एक अप्रत्याशित सियासी रंग ले लिया है.
एक-दूसरे पर गंभीर आरोप: पवन सिंह और ज्योति का विवाद पहुंचा चरम पर
पिछले तीन दिनों से, पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच का विवाद सोशल मीडिया और प्रमुख समाचार चैनलों पर लगातार छाया हुआ है. यह तब शुरू हुआ जब ज्योति सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसके जवाब में पवन सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की. इस पूरी घटनाक्रम में, दोनों ने एक-दूसरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. लेकिन, इस सबके बीच पवन सिंह द्वारा उठाया गया एक सवाल सबसे अधिक महत्वपूर्ण है: “जो पत्नी सालों से अलग रह रही हैं, उन्हें चुनाव के ठीक वक्त में ही मेरी याद क्यों आई?”
लखनऊ की घटना: विवाद की जड़ में एक फ्लैट
इस पूरे मामले की शुरुआत 5 अक्टूबर को तब हुई, जब ज्योति सिंह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में, वे लखनऊ स्थित पवन सिंह के फ्लैट में दिखाई दीं, जहां पुलिसकर्मी भी मौजूद थे. ज्योति ने दावा किया कि पवन सिंह ने उन्हें फ्लैट से निकालने की कोशिश की और उनसे मिलने तक से इनकार कर दिया.
ज्योति सिंह का आरोप है कि वे अपने पति से केवल बात करना चाहती थीं, लेकिन पवन सिंह ने न तो उनका फोन उठाया और न ही उनसे मिलने का प्रयास किया. उन्होंने बताया कि वे सुबह 9 बजे पवन के घर पहुंचीं. पहले गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया. वहां पवन के बड़े भाई से उनकी बहस भी हुई. ज्योति का कहना है कि थोड़ी देर बाद पवन सिंह फ्लैट छोड़कर चले गए और वापस नहीं लौटे. इसके बाद, पुलिस कई बार फ्लैट पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलने का निर्देश दिया गया.
पवन सिंह की ओर से सफाई: “तलाक का मामला विचाराधीन है”
पवन सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्योति अपने भाई और बहन के साथ फ्लैट पर आई थीं और आते ही उन्होंने कहा कि वे अब यहां से नहीं जाएंगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कोई विवाद नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने फ्लैट छोड़ दिया. पवन सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि वे दोनों कई वर्षों से अलग रह रहे हैं और उनके बीच तलाक का मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है.
सियासी टाइमिंग पर उठाए सवाल: चुनावी मौसम और पारिवारिक विवाद का संयोग
इस विवाद की सबसे दिलचस्प बात यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आते ही यह मामला सामने आया है, जबकि पवन सिंह का नाम भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में है. 2024 में, उन्होंने काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को करारी शिकस्त दी थी. अब, जबकि यह उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट मिल सकता है, तभी यह पारिवारिक विवाद सार्वजनिक हो गया. पवन सिंह ने स्वयं इस मुद्दे को “टाइमिंग से जुड़ा खेल” बताया है और सवाल उठाया है कि “जब चुनाव नजदीक हैं, तभी यह ड्रामा क्यों?”
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