सन लाइब्रेरी में भीषण धमाका: दो छात्रों की मौत, 7 घायल, बारूद की गंध या मीथेन गैस का रिसाव?
फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश: कादरी गेट थाना क्षेत्र के सेंट्रल जेल चौराहे के पास स्थित सन लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी प्वाइंट कोचिंग सेंटर में शनिवार को एक भीषण विस्फोट ने हड़कंप मचा दिया। इस विनाशकारी धमाके में दो छात्रों की जान चली गई, जबकि 7 अन्य घायल हो गए। घटनास्थल से उठ रही बारूद की गंध अवैध पटाखा भंडारण की आशंका को बल दे रही है, वहीं पुलिस और प्रशासन मीथेन गैस के रिसाव को विस्फोट का कारण मान रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने एक जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
विस्फोट इतना प्रचंड था कि आसपास के कई किलोमीटर दूर तक मकान हिल गए। कोचिंग सेंटर का आंतरिक ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। बाहर की कंक्रीट की स्लैब और दीवारें 50 मीटर दूर जा गिरीं, जबकि लोहे की जाली 150 मीटर दूर पानी के गड्ढे में जा गिरी। इस भयानक विस्फोट से कोचिंग में पढ़ रहे 9 छात्र-छात्राएं घायल हो गए, जिनमें से आकाश सक्सेना और आकाश कश्यप नामक दो छात्रों की दुखद मृत्यु हो गई।
अस्पष्ट कारण, कई सवाल:
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर बारूद की तीखी गंध फैली हुई है, जो अवैध पटाखा भंडारण की ओर इशारा करती है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सेफ्टी टैंक से मीथेन गैस के रिसाव को विस्फोट का प्रमुख कारण बता रहे हैं। इस विरोधाभासी स्थिति के बीच, जिला प्रशासन ने मामले की गहन जांच के लिए एक जांच कमेटी का गठन किया है। फिलहाल, पुलिस और फायर सेफ्टी की टीमें मौके पर जांच में जुटी हुई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का भयावह अनुभव:
स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इमारत की मोटी दीवारों के टुकड़े 50 मीटर तक बिखर गए। भवन का मलबा 200 मीटर दूर तक गिरा। धमाके का असर आसपास के इलाकों में भी महसूस किया गया, एक किलोमीटर दूर तक मकान हिल गए। कोचिंग सेंटर के अंदर के केबिनों के शीशे और फर्नीचर ध्वस्त हो गए। कंक्रीट की स्लैब, दीवारों के टुकड़े और लोहे की जाली दूर-दूर तक बिखरी हुई मिलीं। कोचिंग के बाहर खड़ीं बाइकें और साइकिलें भी धमाके की चपेट में आकर दूर जा गिरीं।
हताहतों की दर्दनाक कहानी:
दुर्घटना के समय कोचिंग सेंटर में 50 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे। विस्फोट में 9 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को तत्काल पास के निजी अस्पतालों और लोहिया अस्पताल में ले जाया गया। धमाके के बाद, लहूलुहान अवस्था में एक छात्र, आकाश सक्सेना (24), कोचिंग सेंटर के बाहर मिला, जबकि दूसरा छात्र, आकाश कश्यप (22), 50 मीटर दूर एक गड्ढे में मिला, जिसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। विस्फोट के कुछ ही देर में आईटीआई और सेंट्रल जेल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई:
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सीवर टैंक में मीथेन गैस के रिसाव से विस्फोट का मामला प्रतीत हो रहा है। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमाके के अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
घायलों का उपचार जारी:
हादसे में घायल हुए सातनपुर मंडी निवासी वेदांत (12), पीयूष यादव (12), निखिल यादव (9), अंशिका गुप्ता (11), अभय (10), अंशुल यादव (14) और आयुष यादव (13) का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। वेदांत की गंभीर हालत को देखते हुए उसे कानपुर रेफर किया गया है।
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