जयपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर जिले के कई नवनियुक्त शिक्षकों को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने इन शिक्षकों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है.
इस संबंध में गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि बाड़मेर जिले के कई नवनियुक्त शिक्षकों ने यह बात संज्ञान में लाई है कि करीब 2000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. सितंबर 2025 में परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बावजूद कांग्रेस सरकार के दौरान आयोजित REET भर्ती परीक्षा के माध्यम से भर्ती हुए बाड़मेर में तैनात 62,000 शिक्षकों का स्थायीकरण पिछले 4 महीने से अटका हुआ है।
प्रदेश के अन्य जिलों में तो प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन बाड़मेर के शिक्षक अभी भी 70 फीसदी वेतन कटौती और मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं.
बाड़मेर के इन शिक्षकों को उनका हक और पूरा वेतन तुरंत मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अनुरोध है कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करें।
PC:aajtak
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