लोकतंत्र की नींव हिल रही है: सिद्दारमैया ने बीजेपी-आरएसएस पर साधा निशाना, 14 दिसंबर को दिल्ली में बड़ी रैली का आह्वान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गहरा चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि प्रजातंत्र तभी जीवित रह सकता है जब हर नागरिक के वोट का मूल्य समान हो। इसी सिद्धांत पर हमारे गणतंत्र ने पिछले 75 वर्षों से अपनी मजबूती बनाए रखी है, लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस आधारशिला पर ही आघात कर रहे हैं।
सिद्दारमैया के अनुसार, “वोट चोरी” केवल एक चुनावी गड़बड़ी का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर नागरिकों की आवाज को दबाने, उनके अपने प्रतिनिधि चुनने के अधिकार को छीनने, उनकी पहचान को कुचलने और लोकतंत्र में भाग लेने की गरिमा को धूमिल करने का एक गंभीर प्रयास है। जब किसी का वोट चोरी होता है, तो उसका भविष्य भी उससे छीन लिया जाता है।
उन्होंने बेंगलुरु, अलैंड, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में बीजेपी-आरएसएस की “हरकतों” को उजागर करने का दावा किया। सीएम सिद्दारमैया ने कहा कि जहां भी हार का डर सताता है, वहां ये ताकतें धांधली और जनता के जनादेश की चोरी का सहारा लेती हैं।
इन गंभीर आरोपों के बीच, कांग्रेस पार्टी ने 14 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली का आयोजन करने की घोषणा की है। यह रैली “वोट चोरी” और “फासीवादी नीतियों” के खिलाफ होगी, और इसका मुख्य उद्देश्य हमारे संविधान की रक्षा करना होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने देश के हर नागरिक से इस ऐतिहासिक क्षण में भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने बड़ी संख्या में दिल्ली आकर इस आवाज को बुलंद करने का आह्वान किया है, ताकि लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक मजबूत संदेश दिया जा सके।
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