पंजाब के लिए खतरे की घंटी: कहीं फिर न बरपा बाढ़ का कहर!
पंजाब, जहाँ नदियों का विशाल डूब क्षेत्र एक स्थायी चुनौती है, इस बार मॉनसून की बारिश और संभावित बाढ़ को लेकर गहरी चिंता में है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, राज्य में 110 मिलीमीटर तक बारिश की आशंका है, जो पहले से ही अघाई हुई मिट्टी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है।
बारिश का सबसे प्रचंड दौर 6 और 7 अक्टूबर को अपेक्षित है, और इसका सबसे ज्यादा असर अमृतसर, तरनतारन, गुरुदासपुर, पठानकोट, रोपड़, जालंधर, लुधियाना, मोगा, मानसा, बरनाला और बठिंडा जैसे जिलों में दिखाई देगा। ये क्षेत्र पहले भी बाढ़ की तबाही झेल चुके हैं।
यह चिंता तब और बढ़ जाती है जब हम पिछले दिनों की विनाशकारी बाढ़ के जख्मों को देखते हैं। उस बाढ़ ने न केवल 59 लोगों की जान ले ली थी, बल्कि लगभग पांच लाख एकड़ में खड़ी फसल को भी तबाह कर दिया था। राज्य सरकार अभी भी उस तबाही के असर से उबरने की कोशिश कर रही है, और ऐसे में नई बारिश की यह चेतावनी एक बड़ा संकट पैदा कर सकती है।
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