उन्होंने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया कि जब निजी हिस्सेदारी की न्यूनतम सीमा 55 प्रतिशत तय है, तो क्या भविष्य में इसे 100 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है? साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए भी क्या कोई न्यूनतम सीमा निर्धारित होगी या नहीं?
रमेश ने अपने पत्र में स्पष्ट किया, ‘मैं उन सभी प्रकृति प्रेमियों का प्रतिनिधि बनकर लिख रहा हूं, जिन्हें ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना से होने वाली भीषण पर्यावरणीय तबाही का डर सता रहा है।’
उनका कहना है कि वित्त मंत्रालय की पीपीपीएसी ने 17 और 19 मार्च, 2026 को पोत परिवहन मंत्रालय के उस प्रस्ताव पर गहन समीक्षा की थी, जिसके तहत गलाथिया खाड़ी में एक विशाल अंतरराष्ट्रीय कंटेनर माल पारगमन बंदरगाह विकसित करने की योजना है।
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