लोहागढ़ की पहाड़ियों में बुना गया ‘डेथ ट्रैप’: 15 दिन, 4 कोशिशें और एक खौफनाक अंत
केतन के परिवार और उसकी बहन संजना के बयानों ने एक ऐसी साजिश से पर्दा उठाया है, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। फरवरी में सगाई के बाद से ही सिया का व्यवहार रहस्यमयी हो गया था। वह लगातार केतन को लोहागढ़ किला ले जाने की जिद कर रही थी। हैरानी की बात यह है कि महज 15 दिनों के भीतर उसने चार बार उसे वहां ले जाने का जाल बुना।
31 मई: ट्रेकिंग के शौकीन केतन को लेकर सिया पहली बार लोहागढ़ पहुंची। तब किसी को अंदेशा नहीं था कि यह सफर मौत की तैयारी है।
4 जून: सिया ने दोबारा वहां जाने की जिद की, लेकिन केतन की मां के इनकार की वजह से उसकी यह कोशिश नाकाम रही।
14 जून (खौफनाक पहला प्रयास): सिया आखिरकार केतन को फिर से किले पर ले जाने में सफल रही। जांच में खुलासा हुआ कि इसी दौरान उसने केतन को पहाड़ी से धक्का दे दिया था। किस्मत अच्छी थी कि केतन ने झाड़ियों को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई। जब उसने सवाल किया, तो सिया ने ‘सांप’ का बहाना बनाकर शातिर तरीके से अपनी गलती छिपा ली।
18 जून (कत्ल की वो तारीख): सिया एक बार फिर केतन को उसी किले पर ले गई। आरोप है कि इस बार उसने अपने साथी चेतन के साथ मिलकर अपनी खूनी साजिश को अंजाम दे दिया और केतन को मौत के घाट उतार दिया।
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