उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए पूछा, ‘‘क्या आपने गौर किया कि सी. वी. आनंद बोस को किस तरह हटाया गया? मुझे सब पता है, उन्हें धमकाया गया था। वे लोक भवन से पैसे बांटना चाहते हैं और उसे भाजपा का पार्टी कार्यालय बनाने की फिराक में हैं। लेकिन दिल्ली की हर मनमानी को हर कोई यहां स्वीकार नहीं करेगा।’’
बिना किसी सीधे उदाहरण के तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने तमिलनाडु में आर. एन. रवि के कार्यकाल पर भी कड़े सवाल उठाए और दावा किया कि राज्यपाल को उच्चतम न्यायालय की ‘कई तीखी टिप्पणियों’ का सामना करना पड़ा था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘सुना है जो व्यक्ति अब पश्चिम बंगाल आ रहा है, उसे सुप्रीम कोर्ट से काफी कुछ सुनना पड़ा था। वह महज भाजपा का एक कार्यकर्ता है। लेकिन याद रखिए, पश्चिम बंगाल की मिट्टी अलग है। आपने तमिलनाडु में जो कुछ भी किया होगा, वह यहाँ कतई नहीं कर पाएंगे।’’
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