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बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी रात की नींद कुर्बान करते हुए यह बड़ा दावा किया कि वह और अभिषेक बनर्जी पल-पल की स्थिति पर नजर रखने के लिए पूरी रात जागते रहे। उन्होंने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा, “कल रात पूरे प्रदेश में जुल्म ढाया गया। हम रातों की नींद त्यागकर मुस्तैद रहे। हमारे सिपाही जान देने को तैयार हैं, लेकिन हम लोकतंत्र का गला नहीं घुटने देंगे।”
बनर्जी ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि बाहरी तत्वों की फौज को निर्वाचन क्षेत्र में झोंका जा रहा है और मतदान की पहली किरण से पहले ही तृणमूल के झंडे साजिशन हटा दिए गए।
मीडिया के सामने पुख्ता वीडियो साक्ष्य पेश करते हुए उन्होंने आरोप जड़ा कि केंद्रीय बलों के जवान वार्ड नंबर 70 के पार्षद के घर उस वक्त घुसे, जब वहां केवल उनकी पत्नी मौजूद थीं।
उन्होंने सवाल उठाया, “जब केंद्रीय बल वहां पहुंचे, तो घर में उनकी पत्नी नितांत अकेली थीं। उन्हें डराया-धमकाया गया और फोन तक छीनने की चेतावनी दी गई। क्या चुनावों को इसी तरह अंजाम दिया जाता है?”
इससे पहले, बनर्जी ने चेतला पहुंचकर कोलकाता पोर्ट के उम्मीदवार और राज्य मंत्री फिरहाद हाकिम के आवास का रुख किया। उन्होंने केंद्रीय बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा, “देर रात उन्होंने हाकिम का दरवाजा खटखटाया, जिससे घर की महिलाएं बुरी तरह सहम गईं।”
उन्होंने भांगड़ की अशांति का मुद्दा गरमाते हुए चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया और उसे निष्पक्षता सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम बताया।
बनर्जी ने जनता से अपील करते हुए पूछा, “ये लोग अत्याचार कर रहे हैं और फिर वोट की उम्मीद रखते हैं। क्या जनता इन्हें चुनेगी? ये लोग केवल बल प्रयोग के दम पर जीत हासिल करना चाहते हैं।”
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