नॉमिनेशन पर ‘ब्रेक’ तो सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन: बीजेपी की आपत्ति और लोकतंत्र पर वार का लगाया गंभीर आरोप
बीजेपी की कड़ी आपत्तियों के बाद रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन पत्र खारिज किए जाने के फैसले को कांग्रेस नेता ने अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। चुनावी मैदान की यह कानूनी लड़ाई अब देश की सबसे बड़ी अदालत की दहलीज पर जा पहुंची है।
विवाद की जड़ नटराजन द्वारा दाखिल हलफनामा है, जिसमें बीजेपी का दावा है कि उन्होंने तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले का विवरण साझा नहीं किया। यह आपत्ति हैदराबाद की एक कोर्ट में पूर्व कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव ए. श्रीलता द्वारा दायर याचिका पर आधारित है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने छेड़छाड़ और धमकी के आरोपी कुंभम शिवकुमार रेड्डी को राजनीतिक संरक्षण दिया था।
दूसरी ओर, नटराजन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया है। उन्होंने न केवल हैदराबाद की अदालत में इस याचिका का कड़ा विरोध किया है, बल्कि रिटर्निंग ऑफिसर की निष्पक्षता पर भी बड़े सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की इकलौती राज्यसभा उम्मीदवार रहीं मीनाक्षी नटराजन का आरोप है कि रिटर्निंग ऑफिसर स्वतंत्र संवैधानिक अधिकारी के बजाय सरकार के इशारे पर ‘सत्ताधारी दल के प्रवक्ता’ के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नामांकन खारिज करना लोकतंत्र को कमजोर करने की एक सोची-समझी कोशिश है।
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