गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने रचा इतिहास, QS रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT), गोरखपुर ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। प्रतिष्ठित QS (Quacquarelli Symonds) द्वारा जारी की गई दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालयों की वर्ष 2025 की रैंकिंग में MMMUT को 421वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, समस्त एशियाई विश्वविद्यालयों की श्रेणी में इसे 1301-1400 रैंक बैंड में स्थान मिला है।
यह दूसरी बार है जब MMMUT ने QS रैंकिंग के लिए आवेदन किया है। हालांकि, वर्ष 2026 की तुलना में वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय की रैंक में कुछ गिरावट देखी गई है, लेकिन यह गिरावट अधिक संस्थानों के रैंकिंग में शामिल होने के कारण है। महत्वपूर्ण बात यह है कि रैंकिंग के सभी प्रमुख मापदंडों पर विश्वविद्यालय के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
आंकड़ों में सुधार का बड़ा संकेत:
वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 की रैंकिंग में MMMUT का ओवरऑल स्कोर दोगुने से भी अधिक बढ़कर 4.7 से 9.5 (102.1% की वृद्धि) हो गया है। अन्य महत्वपूर्ण सुधारों में शामिल हैं:
- शोध पत्र प्रति फैकल्टी: स्कोर 27.6 से बढ़कर 45.9 (66% की वृद्धि)
- प्रति शोध पत्र साइटेशन: स्कोर 3.5 से बढ़कर 9.1 (160% की वृद्धि)
- पीएचडी धारक फैकल्टी: स्कोर 1.6 से बढ़कर 17.8 (1012% की वृद्धि)
- अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क: स्कोर 1.5 से बढ़कर 11.9 (693% की वृद्धि)
कुल शोध पत्रों की संख्या 1266 से बढ़कर 1508 (19% की वृद्धि) हुई है, और कुल साइटेशन 8683 से बढ़कर 13176 (52% की वृद्धि) हो गए हैं।
NIRF 2025 में भी शानदार प्रदर्शन:
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इसी वर्ष अगस्त में शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की गई NIRF 2025 रैंकिंग में MMMUT को देश के शीर्ष 100 संस्थानों में पाँच श्रेणियों में शामिल किया गया था। NIRF 2025 में विश्वविद्यालय का श्रेणीवार स्थान इस प्रकार रहा:
- ओवरऑल श्रेणी: देश में 99वीं रैंक
- इंजीनियरिंग श्रेणी: देश में 60वीं रैंक
- विश्वविद्यालय श्रेणी: देश में 68वीं रैंक
- मैनेजमेंट श्रेणी: देश में 83वीं रैंक
- राज्य विश्वविद्यालय श्रेणी: देश में 23वीं रैंक
रैंकिंग के मानक और विश्वविद्यालय का प्रदर्शन:
विश्वविद्यालय के IQAC निदेशक, प्रो. वी. एल. गोले ने बताया कि QS रैंकिंग विभिन्न मानकों पर संस्थानों का मूल्यांकन करती है, जिनमें अकादमिक प्रतिष्ठा, शोध पत्रों का औसत साइटेशन, प्रति शिक्षक शोध पत्र, नियोक्ताओं में प्रतिष्ठा, शिक्षक-छात्र अनुपात, पीएचडी धारक शिक्षकों की संख्या, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क, विदेशी छात्रों की संख्या, अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों की संख्या और विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या शामिल हैं। इन मापदंडों पर मिले अंकों के आधार पर संस्थानों को रैंक किया जाता है।
कुलपति ने दी बधाई:
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर शिक्षकों ने एक-दूसरे को बधाई दी। माननीय कुलपति, प्रो. जे. पी. सैनी ने कहा, “यह उपलब्धि हमारे समर्पित फैकल्टी, शोधकर्ताओं और छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद, हमने सभी मापदंडों पर अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, जो हमारी शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। हम भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
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