गोरखपुर में शिक्षा जगत का एक अध्याय समाप्त: प्रो. उदय प्रताप सिंह का निधन, सीएम योगी ने जताया गहरा शोक
गोरखपुर: शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में अपने अमूल्य योगदान के लिए जाने जाने वाले महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार की सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय प्रो. सिंह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से पूरे प्रदेश में, विशेषकर शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
गोरक्षपीठ से आजीवन जुड़ाव
प्रो. यूपी सिंह का जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के प्रति पूर्णतः समर्पित रहा। अध्यापन कार्य में कदम रखने के बाद से ही उन्होंने इन संस्थाओं के उत्थान में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। गणित विषय के प्रकांड विद्वान रहे प्रो. सिंह ने अपने लंबे शैक्षिक सफर में कई महत्वपूर्ण पदों की शोभा बढ़ाई।
तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का सौभाग्य
मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह का जन्म 1 सितंबर 1933 को हुआ था। वह उन विरले व्यक्तियों में से रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों – महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज, महंत अवेद्यनाथ जी महाराज और वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी – के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ।
शिक्षा के क्षेत्र में अमिट छाप
महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने उनकी पहली नियुक्ति महाराणा प्रताप महाविद्यालय में शिक्षक के तौर पर की थी। जब गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए यह महाविद्यालय दान में दे दिया गया, तब प्रो. सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक बने। उन्होंने वहां आचार्य और विभाग अध्यक्ष के रूप में ख्याति अर्जित की। बाद में, उन्होंने पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं।
संगठनात्मक कौशल और समर्पण
प्रो. यूपी सिंह को उनकी विद्वता, कर्मठता और सांगठनिक कौशल के लिए सदैव याद किया जाएगा। 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने अंतिम सांस तक इस पद को सुशोभित किया। 2021 में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर की स्थापना के समय उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विद्या भारती में भी विभिन्न दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
रविवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
प्रो. यूपी सिंह का अंतिम संस्कार रविवार, 28 सितंबर को दोपहर 12 बजे राजघाट, राप्ती नदी के तट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी उपस्थित रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यूपी सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यू.पी. सिंह जी का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों एवं अनुयायियों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं समाज के लिए उनका जीवन सदा मार्गदर्शक बना रहेगा।”
प्रो. यूपी सिंह अपने पीछे दो पुत्रों, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह का परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से उनके परिवार, मित्रगण और अनगिनत शिष्यों में शोक की लहर है।
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