राष्ट्रव्यापी हड़ताल: बैंककर्मी आज और कल, पांच दिन बैंकिंग और अन्य मांगों के लिए सरकार और प्रबंधन के खिलाफ मुखर
औरंगाबाद: ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन और अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के आह्वान पर, बैंककर्मी 9 और 10 अक्टूबर को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल क्रमशः भारत सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ बैंककर्मियों की आवाज उठाने का मंच बनेगी। औरंगाबाद अंचल सचिव अखिलेश कुमार ने इस बात की जानकारी दी है।
पहले दिन, शनिवार की छुट्टी की मांग:
हड़ताल के पहले दिन, बैंककर्मी भारत सरकार से बैंकिंग उद्योग के लिए सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग करेंगे। संघों का कहना है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच 8 मार्च 2024 को हुए नौवें संयुक्त समझौते में सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बनी थी। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी अनुमति नहीं दी गई है। बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का वर्किंग डे भी शामिल है।
दूसरे दिन, बैंक प्रबंधन के खिलाफ विरोध:
हड़ताल के दूसरे दिन, बैंक अधिकारी अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। उनकी मांगों में अधिकारियों के परक्विजिट टैक्स का 100 प्रतिशत वहन बैंक द्वारा किया जाना, चिकित्सकीय सहायता भुगतान को वर्तमान मूल वेतन से जोड़ना, और आवासीय एसएफएफ खर्च की घोषणा के आधार पर भुगतान शामिल है। इसके अलावा, शाखाओं में अधिकारियों के डिजिटल गिरफ्तारी का विरोध और हाल ही में जारी थ्रेशहोल्ड लिमिट से संबंधित दिशानिर्देशों पर बैंक कर्मियों और ग्राहकों के हित में पुनर्विचार की मांग भी की गई है।
एकीकृत प्रणाली की मांग:
फेडरेशन ने यह भी मांग की है कि मंडल, अंचल और प्रधान कार्यालयों में अधिकारियों के लिए समुचित बैंकिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ई-यूबीआइ मॉडल जैसा एकीकृत सिस्टम लागू हो सके।
आंदोलन की चेतावनी:
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और बैंक प्रबंधन ने जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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