संसद में संग्राम: राष्ट्रीय सुरक्षा पर घिरे राहुल, सत्तापक्ष के भारी हंगामे के बीच गूंजी ‘बोलने देने’ की अपील!

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- News Desk
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'मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाया, मुझे बोलने दिया जाए', राहुल के संबोधन के दौरान चिल्लाने लगे सत्तापक्ष के सांसद

संसद में संग्राम: राहुल गांधी का तीखा वार, पूर्व सेना प्रमुख की किताब और ‘ट्रेड डील’ पर छिड़ा महायुद्ध

संसद के गलियारे आज एक बार फिर हंगामे के शोर से गूंज उठे। लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने हाथों में प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा। दोपहर 2 बजे जैसे ही सदन फिर जुटा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चीन का मुद्दा उठाकर हलचल पैदा कर दी। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर बात कर रहे हैं। इस पर सत्ता पक्ष के कड़े विरोध के बाद शोर-शराबा इतना बढ़ गया कि कार्यवाही को फिर से स्थगित करना पड़ा।

राहुल गांधी ने स्पीकर से दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलने की अनुमति दी जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें इस अहम मुद्दे पर अपनी बात रखने से क्यों रोका जा रहा है? इसी बीच, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी पूर्व सेना प्रमुख की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और सरकार पर तंज कसा।

LIVE: LoP Shri @RahulGandhi‘s reply to the motion of thanks on the President’s address. https://t.co/0LDnS0d2jB

— Congress (@INCIndia) February 3, 2026

ट्रेड डील और ‘कॉम्प्रोमाइज़्ड’ इमेज: राहुल के गंभीर आरोप

संसद के बाहर मीडिया से मुखातिब होते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी घबराए हुए हैं और इसी दबाव में उन्होंने कल रात आनन-फानन में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए। राहुल ने आरोप लगाया, “प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज़्ड हैं। उन पर भारी दबाव है क्योंकि अडानी मामले और एपस्टीन फाइल्स से जुड़े खुलासे उनकी छवि बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने आपकी मेहनत की कमाई इस डील में बेच दी है।” राहुल ने यह भी कहा कि इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोका जा रहा है।

#WATCH | Delhi | LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi says, “Modi ji is rattled. The (US-India) trade deal, which was stalled for the past few months, was signed by Narendra Modi last night. There is extreme pressure on him. Narendra Modi ji’s image can get damaged. The main thing is… pic.twitter.com/0z6fLFGV0p

— ANI (@ANI) February 3, 2026

विवाद की जड़: जनरल नरवणे की वो ‘अनकही’ किताब

संसद में इस पूरे विवाद की नींव सोमवार को ही पड़ गई थी, जब राहुल गांधी ने ‘कारवां’ पत्रिका में छपे पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के संस्मरणों का जिक्र किया। सत्ता पक्ष ने इस पर तीखी आपत्ति जताई। राहुल ने कहा कि वह सिर्फ पांच लाइनें पढ़ना चाहते हैं, लेकिन सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया। राहुल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा, “जो सरकार आतंकवाद से लड़ने का दम भरती है, वह एक किताब के अंश से क्यों डर रही है? अगर छिपाने को कुछ नहीं है, तो मुझे पढ़ने दीजिए।”

नेता विपक्ष राहुल गांधी और गृहमंत्री अमित शाह आमने सामने।
पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब का राहुल गांधी ने किया जिक्र, संसद में जोरदार बवाल।
pic.twitter.com/Qpefe9xGmC

— Lutyens Media (@LutyensMediaIN) February 2, 2026

क्या है ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’?

यह पूरा विवाद जनरल नरवणे की आत्मकथा ‘Four Stars of Destiny: An Autobiography’ को लेकर है। 448 पन्नों की यह किताब उनके 40 साल के सैन्य सफर का लेखा-जोखा है, जिसमें गलवान संघर्ष और लद्दाख गतिरोध जैसे संवेदनशील अध्याय शामिल हैं। हालांकि, यह किताब फिलहाल प्रकाशन की बाट जोह रही है। रक्षा मंत्रालय और सेना इसकी समीक्षा कर रहे हैं, ताकि कोई गोपनीय जानकारी लीक न हो।

किताब के वो दो बड़े खुलासे, जिन्होंने मचाया हड़कंप:

1. लद्दाख स्टैंडऑफ और ‘हॉट पोटैटो’: किताब के अनुसार, 31 अगस्त 2020 की रात पैंगोंग त्सो के पास हालात ‘ब्रेकिंग पॉइंट’ पर थे। चीनी टैंक भारतीय मोर्चों के बेहद करीब थे। जनरल नरवणे ने जब शीर्ष नेतृत्व से निर्देश मांगे, तो उन्हें कोई स्पष्ट ‘फायरिंग ऑर्डर’ नहीं मिला। उन्होंने लिखा कि उस वक्त उन्हें एक ‘हॉट पोटैटो’ थमा दिया गया था और सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाल दी गई थी।

2. अग्निपथ योजना पर सेना की हैरानी: जनरल नरवणे ने खुलासा किया कि ‘अग्निपथ योजना’ सेना के लिए एक बड़े झटके की तरह थी। सेना ने एक छोटा पायलट प्रोजेक्ट और 75% जवानों को बरकरार रखने का सुझाव दिया था, लेकिन अंतिम योजना बिल्कुल उलट निकली। उन्होंने शुरुआती 20,000 रुपये की सैलरी को ‘अस्वीकार्य’ बताते हुए कहा था कि जान जोखिम में डालने वाले सैनिक की तुलना दिहाड़ी मजदूर से नहीं की जा सकती।

Aap Khud Padh Lijiye pic.twitter.com/f9IBMaXUP7

— Congress (@INCIndia) February 2, 2026



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