पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल: जांच में फेल, ₹1.40 लाख का जुर्माना

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
3 Min Read
पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल: जांच में फेल, ₹1.40 लाख का जुर्माना
फोटोः सोशल मीडिया

बाबा रामदेव की पतंजलि पर गिरी गाज: मानकों पर खरे नहीं उतरे गाय के घी के सैंपल, लाखों का जुर्माना

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आस्था के नाम पर कारोबार करने वालों को आईना दिखाया है। बाबा रामदेव की प्रतिष्ठित कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के गाय के घी के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। इस मामले में कोर्ट ने करीब चार साल बाद अपना फैसला सुनाते हुए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (निर्माता) पर एक लाख रुपए, ब्रह्म एजेंसी (डिस्ट्रीब्यूटर) पर 25,000 रुपए और करन जनरल स्टोर (विक्रेता) पर 15,000 रुपए का भारी जुर्माना लगाया है।

यह पूरा मामला साल 2020 का है, जब पिथौरागढ़ में पतंजलि के गाय के घी का एक सैंपल रूटीन चेकिंग के दौरान लिया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने 20 अक्टूबर 2020 को पिथौरागढ़ के कासनी से करन जनरल स्टोर से इस नमूने को उठाया था। शुरुआती जांच में ही घी के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसकी पुष्टि प्रदेश स्तर पर रुद्रपुर और राष्ट्रीय स्तर पर गाजियाबाद की लैब में कराई गई।

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ के असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने बताया कि यह घी खाने लायक नहीं है और इसके सेवन से लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जांच में घी की गुणवत्ता मानकों से काफी नीचे पाई गई।

पतंजलि के अधिकारियों को 2021 में इस बारे में सूचित किया गया, लेकिन लंबे समय तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आखिरकार, कंपनी ने 15 अक्टूबर 2021 को नमूनों की दोबारा जांच की मांग की और सेंट्रल लैब से जांच कराने के लिए 5 हजार रुपए की फीस भी जमा की। इसके बाद, 16 अक्टूबर 2021 को नमूनों की जांच राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद में कराई गई। 26 नवंबर 2021 को आई रिपोर्ट में भी घी के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।

दो महीने तक रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद, 17 फरवरी 2022 को मामले को कोर्ट में पेश किया गया और पतंजलि को नोटिस जारी किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी दिलीप जैन ने अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ योगेंद्र सिंह के न्यायालय में सबूत पेश किए।

करीब चार साल की कानूनी प्रक्रिया के बाद, गुरुवार को कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने न केवल भारी जुर्माना लगाया, बल्कि पतंजलि को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी भी दी है। यह फैसला उन सभी कारोबारियों के लिए एक सबक है, जो मुनाफा कमाने की दौड़ में गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है।Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *