बिहार की जनता के लिए चुनावी गर्माहट: मतदान की तारीखों का ऐलान, प्रिंट विज्ञापनों पर खास नियम
बिहार की जनता का इंतजार खत्म हुआ! राज्य में विधानसभा चुनावों की रणभेरी बज चुकी है, और मतदान की तारीखें तय हो गई हैं। राज्य की 243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान संपन्न होगा। पहला चरण 6 नवंबर, गुरुवार को होगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर, मंगलवार को संपन्न होगा। इन महत्वपूर्ण तिथियों को ध्यान में रखते हुए, भारत निर्वाचन आयोग ने प्रिंट विज्ञापनों के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पहले चरण के मतदान से ठीक पहले, यानी 5 और 6 नवंबर को, और दूसरे चरण के मतदान के पूर्व संध्या पर, यानी 10 और 11 नवंबर को, प्रिंट विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
विज्ञापन छपवाने से पहले ‘हां’ जरूरी: पूर्व-प्रमाणन का नया फरमान
चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि चुनावी मौसम में प्रिंट माध्यमों पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों में किसी भी तरह की पक्षपात या भ्रामक सामग्री न हो। इसके लिए एक खास नियम लागू किया गया है: जो भी व्यक्ति या संस्था इन मतदान तिथियों के दौरान प्रिंट विज्ञापन प्रकाशित करवाना चाहते हैं, उन्हें संबंधित मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (MCMC) से पूर्व-प्रमाणन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणन प्रक्रिया काफी सीधी है। विज्ञापन प्रकाशन की तय तारीख से कम से कम दो दिन पहले एम.सी.एम.सी. में आवेदन जमा करना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई अपना विज्ञापन 6 नवंबर को प्रकाशित करवाना चाहता है, तो उसे 4 नवंबर तक प्रमाणन के लिए आवेदन करना ही होगा।
समितियां तैयार, तेजी से जांच का भरोसा
चुनाव आयोग ने राज्य और जिला स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समितियों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इन समितियों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त विज्ञापनों की सामग्री की शीघ्रता से जांच करना और समय पर निर्णय सुनिश्चित करना है। इससे यह लाभ होगा कि प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होगी और विज्ञापन दाताओं को समय पर अपने प्रचार माध्यमों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा। यह कदम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और मतदाताओं तक प्रामाणिक सूचना पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


