चिंताजनक खुलासा: पंजाब एफडीए ने ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप को घटिया घोषित किया
सरकारी प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट ने मचाई खलबली
पंजाब सरकार के खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसने दवा उद्योग में चिंता की लहर दौड़ा दी है। एफडीए के संज्ञान में आया है कि मध्य प्रदेश की सरकारी विश्लेषक, औषध परीक्षण प्रयोगशाला और एफडीए द्वारा ‘कोल्ड्रिफ’ नामक एक कफ सिरप को “मानक गुणवत्ता का नहीं” घोषित किया गया है। यह खुलासा दवा की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कौन सा बैच हुआ फेल?
एफडीए द्वारा जारी आदेश में विशेष रूप से सिरप के बैच नंबर एसआर-13 का उल्लेख किया गया है। इस बैच का निर्माण श्रीसन फार्मास्युटिकल द्वारा बैंगलोर हाईवे, सुंगुवरचत्रम (मथुरा), कांचीपुरम जिला, तमिलनाडु में किया गया था। इस पहचान से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रभावित उत्पाद की पहचान की जा सके और उसे बाजार से हटाया जा सके।
सुरक्षा पर सवाल
यह मामला दवा सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करता है। सरकारी प्रयोगशालाओं द्वारा किसी दवा को “मानक गुणवत्ता का नहीं” घोषित करना एक गंभीर चेतावनी है, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए संभावित खतरा पैदा कर सकता है। इस घटना के बाद, उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस मामले की गहराई से जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
आगे क्या?
इस खुलासे के बाद, कफ सिरप से जुड़े ऐसे ही अन्य मामलों में जहां बच्चों की मौत की खबरें आई थीं, उन्हें लेकर भी जांच तेज हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट में भी इस संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की गई है। ऐसे में, ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप का यह मामला भी जांच के दायरे में आ सकता है।
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