जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को विधानसभा सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. इस बैठक में राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक 2026 और राजस्थान नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2026 लाने और राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय का गठन करने का भी निर्णय लिया गया है. उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के बारे में जानकारी दी है.
डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि आर्थिक अपराधों की प्रभावी रोकथाम एवं वित्तीय अनुशासन के लिए कैबिनेट में राज्य राजस्व आसूचना निदेशालय को समाप्त कर राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय बनाने का निर्णय लिया गया।
बैरवा ने बताया कि इससे रियल एस्टेट धोखाधड़ी, बैंक-बीमा-एनबीएफसी और शेयर बाजार से संबंधित वित्तीय अपराध, मल्टी लेवल मार्केटिंग धोखाधड़ी, झूठा दिवालियापन, फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से रोजगार या प्रवेश से संबंधित मामलों पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी. साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या बिक्री, स्टाम्प एवं पंजीयन में अनियमितता, फर्जी कम्पनियों का गठन, सहकारी समितियों में घोटाले जैसे आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जायेगा और अपराधियों के विरूद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
निदेशालय टैक्स चोरी रोकेगा
उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यह निदेशालय वाणिज्यिक कर, उत्पाद शुल्क, परिवहन, पंजीयन एवं स्टाम्प, खनिज सहित विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण कर राजस्व रिसाव की निगरानी करेगा और कर चोरी को रोकेगा. इससे राजस्व संबंधी जानकारी एवं आर्थिक अपराधों की जांच का कार्य एकीकृत ढंग से किया जा सकेगा।
पीसी:डीआईपीआर.राजस्थान,फर्स्टइंडियनन्यूज
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